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…ताकि जिंदा रहे कला

Last Updated- December 11, 2022 | 12:07 AM IST

अति लघु, लघु और मझोले उद्यमों के संगठन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार से राज्य के फर्रूखाबाद में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग की है।
यह जिला टेक्सटाइल छपाई के लिए जाना जाता है। यह कला पिछले 200 साल से यहां जिंदा है और स्थानीय हस्तशिल्पियों और उद्योग की मदद करता रहा है। आईआईए के कार्यकारी निदेशक डी.एस. वर्मा नेबताया, ‘तकरीबन 250 टेक्सटाइल उद्यमी फर्रूखाबाद में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क में स्थान चाहते हैं। हमने उनकी सूची राज्य सरकार को दे दी है। ‘
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कपड़ा उद्योग मंत्रालय प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के कुल परियोजना खर्च का 40 फीसदी देने को तैयार है। इसी तरह का एक और टेक्सटाइल पार्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बनाया जा रहा है।’
कपड़ा उद्योग और खास तौर पर हैंडलूम और पावरलूम से जुड़े मसलों पर हाल ही में उद्योग बंधु और इस उद्योग के प्रतिनिधियों और अन्य हिस्सेदारों के बीच बातचीत हुई है। उल्लेखनीय है कि उद्योग बंधु की स्थापना उत्तर प्रदेश उद्योग विभाग ने राज्य के औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए किया था।
बैठक की अध्यक्षता उद्योग बंधु के अध्यक्ष और आधारभूत और औद्योगिक विकास आयुक्त वी. के. शर्मा ने की। इसमें कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के कई औद्योगिक संगठनों ने शिरकत की। यहां आईआईए, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स, नार्दन इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन  और एसोचैम ने कपड़ा उद्योग की समस्याओं को उठाया। इसमें  भी हैंडलूम और पावरलूम की समस्याओं पर खासा जोर रहा।

First Published - April 13, 2009 | 1:20 PM IST

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