लौटने लगी सिरैमिक उद्योग की चमक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:20 AM IST

छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सिरैमिक पदार्थों की बढ़ती मांग से इस उद्योग में फिर से चमक आ गई है।
मंदी से प्रभावित गुजरात के मोरबी में सिरैमिक इंडस्ट्री अब वापस सामान्य स्थिति में आ गई है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सिरैमिक उद्योग अब पूरी तरह मंदी से उबर चुका है और बंद होने के कगार पर खडी ऌकाइयां खुलने को तैयार हैं।
डीकोलाइट सिरैमिक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गिरीश पेथापरा का कहना है हाल में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसकी बढती मांग से मंदी की मार अब पूरी तरह से खत्म होती दिख रही है और फिलहाल इसमें किसी भी तरह के खतरे की कोई आशंका नहीं है। पर आयात के क्षेत्र में हम इंतजार की नीति पर काम करेंगे।
कुछ समय पहले तक इस उद्योग की विकास दर 30- 40 फीसदी से घटकर 10 फीसदी हो गई थी। लेकिन 2008-09 की तीसरी तिमाही से हालात में कुछ सुधार हुआ है। देश में कुल 270 सिरैमिक इकाइयां हैं जिसमें वॉल टाइल्स की 152 इकाइयां, फ्लोर टाइल्स की 22 इकाइयां, विट्रीफाइड टाइल की 22 और सैनिटरी टाइल की 42 इकाइयां हैं।
2008-09 में मोरबी सिरैमिक इंडस्ट्री का सालाना कारोबार 4000 करोड़ तक पहुंच गया था, जो 2007-08 में 4,000-4,500 करोड़ रुपये तक ही था। इस उद्योग से लगभग 60,000 लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
मोरबी सिरैमिक टाइल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष वैलजीभाई पटेल का कहना है सिरैमिक क्षेत्र पूरी तरह रियल एस्टेट पर निर्भर है। रियल्टी सेक्टर में आई मंदी की वजह से यह क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, पर अब स्थितियों में सुधार आया हैं।
पिछले साल 40 फीसदी से भी ज्यादा सिरामीक इकाइयां बंद हो गई थी और जो बची थी वह भी कुछ खास कारोबार नहीं कर रही थीं। अब लगभग सभी इकाइयां अपनी क्षमता के 80 से 90 फीसदी तक काम कर रही हैं।
पैथपारा के अनुसार सिरैमिक क्षेत्र के लिए चिंता का विषय केवल मंदी ही नहीं है बल्कि आंतरिक प्रतियोगिता, वैट और गैस के बढ़ते दाम से भी यह व्यापार बुरी तरह प्रभावित होता है। मोरबी को गैस मुहैया कराने वाली गुजरात सरकार की कंपनी गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन  से उन्होंने कम दाम पर गैस देने की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में सिरैमिक की बढ़ती मांग ने फूंकी उद्योग में जान
2008-09 में सालाना कारोबार का आंकड़ा पहुंच गया 4,000 करोड़ रुपये के पार
लगभग 60,000 लोग जुड़े हैं सिरैमिक कारोबार से

First Published : April 20, 2009 | 10:18 AM IST