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बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेताओं के दौरे से राहत कार्य प्रभावित

Last Updated- December 12, 2022 | 2:21 AM IST

महाराष्ट्र में बाढ़ से भीषण तबाही हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी दल के नेता अपनी हाजिरी लगाना चाह रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री और विपक्षी के नेता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा शुरू किया तो सत्ताधारी नेताओं की तरफ से बयान शुरू होगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शरद पवार ने इस तरह के दौरों से बचना चाहिए क्योंकि इससे राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित होते हैं।
महाराष्ट्र में जारी भारी बारिश मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में तबाही देखी जा रही है। रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में बाढ़ और भूस्खलन ने सबसे ज्यादा तबाही बचाई है। परेशान और पीड़ित लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए इन इलाकों में नेताओं का तांता लगा हुआ है जिस पर राकांपा प्रमुख शरद पवार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वीआईपी लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित होते हैं। पवार ने कहा कि वह निजी अनुभव से बता सकते हैं कि बचाव अभियान से सीधा संबंध न रखने वाले लोगों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने से बचना चाहिए।
पवार ने कहा कि वीआईपी दौरे से स्थानीय तंत्र और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव उत्पन्न होता है और बचाव कार्य से भी उनका ध्यान भटक जाता है। महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी के मंगलवार को किए बाढ़ ग्रस्त इलाकों के दौरे पर तंज कसते हुए पवार ने कहा कि हो सकता है कि वह राज्य को केंद्र सरकार से धन और अधिक मुआवजा दिलाने में मदद करें। पवार ने कहा कि राकांपा अगले दो-तीन दिन में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्कीय दल और बचाव सामग्री भेजेगी।
पवार ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि मेरे जैसे नेताओं को इस समय इन क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए ताकि प्रशासन प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के अपने काम से विचलित न हो। बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर राज्यपाल कोश्यारी के साथ बीजेपी विधायक आशीष शेलार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पवार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वह उन लोगों को साथ ले गए हैं जिन पर उन्हें भरोसा है। मुझे उम्मीद है कि उनकी यात्रा यह सुनिश्चित करेगी कि बाढ़ प्रभावित स्थानीय लोगों को राहत मिले।
राज्य सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र में बारिश संबंधी घटनाओं में 192 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी तक 2,29,074 लोगों को बाढ़ एवं बारिश ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के 1,028 गांव बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और जिला संरक्षक मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की जरूरत है। लेकिन अगर दूसरे नेता जाते हैं तो इससे बचाव और राहत कार्यों में जुटे प्रशासन पर बोझ पड़ेगा।

First Published - July 27, 2021 | 11:54 PM IST

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