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सिटीजन शहरी सहकारी बैंक का कारोबार हुआ दोगुना

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Last Updated- December 05, 2022 | 9:24 PM IST

जालंधर स्थित सिटीजन शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान कारोबार में 127 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ही कुल 425 लाख रुपये का कर पूर्व लाभ हासिल किया है।


इससे पूर्व वित्त वर्ष के दौरान यह आंकड़ा 187 लाख रुपये था। बैंक के अध्यक्ष के के शर्मा ने बताया कि गैर निष्पादित आस्तियों की वसूली में तेजी आने के कारण बैंक के प्रदर्शन में तेजी से सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2007 के अंत तक बैंक का एनपीए 14.90 प्रतिशत था और यह मार्च 2008 के अंत तक घटकर 8.28 प्रतिशत रह गया था। इसी तरह शुद्ध एनपीए घटकर 1.81 प्रतिशत रह गया है जबकि 31 मार्च, 2008 के अंत तक यह आंकड़ा 8.37 प्रतिशत था। शर्मा ने  आगे बताया कि बैंक ने बीते वित्त वर्ष के दौरान कुराली शहरी सहकारी बैंक का विलय किया है।

बैंक के खाताधारकों की संख्या बढ़कर 7,148 हो चुकी है जबकि बैंक की कुल  परिसंपत्ति 29.15 करोड़ रुपये थी। बैंक ने लाभांश देने के अपने बेहतरीन रिकार्ड और बैंक की कार्यप्रणाली में लोगों के विश्वास को बनाए रखा है। बैंक ने 31 मार्च 2008 तक कुल 131 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। इसमें से 87.21 करोड़ रुपये प्राथमिक क्षेत्र को दिए गए थे। प्राथमिक क्षेत्र को दिया गया कर्ज कुल अग्रिम का 66 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय लक्ष्य के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है।  बीमा कारोबार में प्रवेश करने के लिए बैंक ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ करार किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब और चंडीगढ़ की सहकारी सोसाइटी के मुख्य आडीटर ने वित्त वर्ष 2006-07 के दौरान बैंक को ‘ए’ श्रेणी में रखा है।

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First Published - April 14, 2008 | 10:15 PM IST

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