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मामल्लापुरम में बिछ गई शतरंज की बिसात

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:13 PM IST

भारत में शतरंज के एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। चेन्नई के निकट समंदर के किनारे बसा मामल्लापुरम शुक्रवार को शुरू हो रहे 44वें अंतरराष्ट्रीय शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में इस ओलंपियाड का उद्घाटन किया। यह आयोजन 10 अगस्त तक चलेगा।
पूरा माहौल शतरंज की बिसात की तरह ही सफेद-काले थीम में रंगा नजर रहा है। चेन्नई में सड़कें इन दो रंगों में रंग दी गई हैं और जगह-जगह कटआउट भी दिख रहे हैं जिससे इस आयोजन के स्तर का अंदाजा मिल रहा है।
आयोजकों और अंतरराष्ट्रीय शतरंज फेडरेशन (फिडे) के मुताबिक इससे भारतीय शतरंज के लिए एक बड़े बदलाव का आगाज होने जा रहा है और कई कंपनियां प्रायोजन के लिए हाथ मिला रही हैं और इसके साथ ही फ्रैंचाइजी-मॉडल लीग की शुरुआत के प्रस्ताव से भी दुनिया का ध्यान इस ओर गया है।
इस ओलंपियाड को लेकर देश और तमिलनाडु से जो उम्मीदें हैं, उसका सीधा प्रमाण इस पर होने वाले खर्च से मिलता है जो बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक हो गया है और यह शुरुआती 75 करोड़ रुपये की लक्षित रकम से अधिक है। इसमें से करीब 25 फीसदी रकम में कॉरपोरेट प्रायोजकों का योगदान है।
आयोजन स्थल, फोर प्वाइंट्स बाई शेरटन महाबलीपुरम रिजॉर्ट ऐंड कन्वेंशन सेंटर और चेन्नई से इस शहर को जोड़ने वाले ईस्ट कोस्ट रोड पर काफी उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है। इस सड़क के दोनों तरफ शतंरज ओलंपियाड के शुभंकर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की तस्वीरें नजर आ रही हैं।
मामल्लापुरम के पूंजेरी गांव में विशाल चट्टानों का स्मारक परिसर है जिसे यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला है। यहां इत्तफाक से शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी की जा रही है। पहले ओलंपियाड का आयोजन रूस में होने वाला था लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण एफआईडीई ने नई जगह का विकल्प चुनने का फैसला किया। आखिरकार पूंजेरी में यह खोज खत्म हुई जो चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है।
फिडे के अध्यक्ष आर्काडी दोवरोकोविच कहते हैं, ‘महज चार महीने की योजना में ही इवेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए बड़ी तादाद में टीमें आ रही हैं। अगले दो हफ्ते शतरंज के लिए बेहद रोमांचक होने वाले हैं।’ शतरंज ओलंपियाड के 44वें संस्करण में 187 देशों की 340 टीमें हिस्सा ले रही हैं जिनके 2,200 से अधिक प्रतिभागी होंगे। यह शतरंज का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा।
अखिल भारतीय शतरंज फेडरेशन (एआईसीएफ) के अध्यक्ष संजय कपूर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि ओलंपियाड में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए फेडरेशन इस साल के अंत तक बहुप्रतीक्षित फ्रैंचाइजी आधारित इंडियन चेस लीग की शुरुआत करेगा। कपूर का कहना है, ‘देश में अब तक का शतरंज का यह सबसे बड़ा आयोजन होगा। हम इस साल के अंत तक लीग की शुरुआत करने जा रहे हैं।’ शुरुआती योजना के मुताबिक लीग में छह फ्रैंचाइजी होंगी और प्रत्येक टीम में आठ खिलाड़ी होंगे।
ओलंपियाड के लिए किए जा रहे खर्च के बारे में पूछे जाने पर एआईसीएफ के सचिव भारत सिंह चौहान ने कहा, ‘हमने अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। कुछ देशों के लिए एफआईडीई से यात्रा के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।’
भारत में पहली बार ओलंपियाड का आयोजन करने का श्रेय लेने की होड़  राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी में भी लगी हुई है। मामल्लापुरम में भी मोदी की तस्वीरें नजर आ रही हैं।
हालांकि चौहान ने केंद्र और राज्य सरकारों को फेडरेशन के साथ सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा, ‘विभिन्न खिलाड़ियों और प्रतिनिधिमंडल के लिए वीजा मंजूरी के लिए टीम का काम अहम है।’
राज्य सरकार ने सभी खिलाड़ियों के लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ स्वास्थ्य बीमा कार्ड की पेशकश की है। इस कार्ड के तहत पैनल वाले 13 अस्पतालों में 2 लाख रुपये का इलाज कवर होगा। राज्य सरकार ने भी पूरे आयोजन के लिए 92 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

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First Published - July 29, 2022 | 12:50 AM IST

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