facebookmetapixel
Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?Defence Stock: हाई से 46% नीचे कर रहा ट्रेड, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का मौका; अब पकड़ेगा रफ़्तार

भारत की यादों की लंदन में लगाई जाएगी बोली

Last Updated- December 05, 2022 | 7:02 PM IST

लंदन में पुरानी भारतीय तस्वीरों और इससे जुड़ी सामग्रियां मसलन अलबम, नेगेटिव, नक्शों आदि की नीलामी 9 अप्रैल को होगी।


इसका आयोजन ब्रिटेन की जानीमानी नीलामी संस्था बोनहैम्स कर रही है। इस नीलामी में 1840 से लेकर 1950 के दशक तक की तस्वीरों और अन्य सामग्रियों को रखा जाएगा। इनमें शुरुआती दौर के भारतीय फोटोग्राफरों और बूर्ने और शेफर्ड, लाला दीन दयाल, जॉन एंड कॉलिन मूरे और सोरबजी जहांगीर स्टूडियो की तस्वीरों को नीलामी के लिए पेश किया जाएगा।


बोनहैम्स के फोटोग्राफ और बुक विशेषज्ञ मैथ्यू हैले ने बताया कि इस नीलामी में कंवरदीप गुजराल का संग्रह आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। यह संग्रह काफी अनोखा और बेशकीमती है। उनके कई फोटोग्राफ और अलबम विभिन्न वाइसराय की यादों से जुड़े हैं। भारत की शुरुआती दौर की तस्वीरों के संग्रह और खरीदारी के मामले में गुजराल (1035-2007) काफी दिलचस्प शख्सियत हैं।


लीलापुर में जन्मे और आगरा में पले-बढ़े गुजराल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए ब्रिटेन गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने हैंमबर्ग में अपना बिजनेस खड़ा कर लिया। गुजराल ने अपना यह संग्रह कई प्रमुख नीलामियों के जरिये इकट्ठा किया था। उन्होंने 1996 में क्रिस्टीज की नीलामी में एफ. वॉल्टर संग्रह को खरीदा था, जबकि 2005 में सूदबेज से एहरनफेल्ड का संग्रह जुटाया था।


इसके अलावा उन्होंने 1999 में मूरे आर्काइव की बिक्री से भी बहुत कुछ इकट्ठा किया था। क्रिस्टीज ने गुजराल के संग्रह के एक हिस्से को 2001 में बेच दिया था। बोनहैम्स का संग्रह इस मामले में काफी अनोखा है कि इसमें विभिन्न समारोहों में मौजूद राजकुमारों और महाराजाओं, शादियों और शिकार की तस्वीरों के अलावा भी बहुत कुछ है।


इन संग्रहों में आपको ताजमहल और जामा मस्जिद (1860 के आसपास की तस्वीरें) के साथ-साथ 1870 से 1890 के बीच भारत के विभिन्न शहरों की गलियों का सजीव चित्र भी देखने को मिलता है। साथ ही गोकक फॉल्स स्थित भारत के पहले हाइड्रो इलेक्ट्रिक स्टेशन (1890 का दशक) और कई अन्य यादों का झरोखा देखने को मिल सकता है। गुजराल के अलावा बोनहैम्स के इस संग्रह का जरिया रोनाल्ड बचनान का संग्रह भी है।


हैली ने कहा कि हमने शुरुआती भारतीय फोटोग्राफरों की तस्वीरों को जुटाने का काम 2 साल पहले शुरू किया था। उनके मुताबिक, इसके मद्देनजर ये नीलामी कंपनी के लिए खास मायने रखती है। नीलामी घर द्वारा बिक्री का आयोजन करने के अलावा अक्टूबर के महीने में तस्वीरों और किताबों की मिली-जिली नीलामी आयोजित करने की योजना है।


इस माह की नौ तारीख को होने वाली नीलामी में तस्वीरों की बोली 100 पाउंड से 15 हजार पाउंड के बीच (8 हजार से 1 लाख 20 हजार रुपये) लगने की उम्मीद है। इस नीलामी से तकरीबन 3 लाख पाउंड ( तकरीबन 2 करोड़ 40 लाख रुपये) जुटाए जाने की उम्मीद है।

First Published - April 3, 2008 | 11:52 PM IST

संबंधित पोस्ट