ITR Filing 2026: इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के लागू होने के साथ ही टैक्स सिस्टम में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस बदलाव के दौर में टैक्सपेयर्स और TDS काटने वाले डिडक्टर्स (जैसे कंपनियां या बैंक) के सामने कुछ तकनीकी दिक्कतें भी आ रही हैं। सबसे आम समस्या यह देखने को मिल रही है कि लोग अनजाने में या जल्दबाजी में TDS जमा करते समय गलत वित्त वर्ष (फाइनेंशियल ईयर) चुन ले रहे हैं।
अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपको इसे सुधारने के लिए सही रास्ता चुनना होगा। दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नया TRACES पोर्टल फिलहाल इस तरह की गलती को सुधारने की सुविधा नहीं दे रहा है। ऐसे में, TDS चालान में वित्त वर्ष की गलती को ठीक करने के लिए आपको पुराने TRACES पोर्टल का ही सहारा लेना पड़ेगा।
अगर चालान में वित्त वर्ष गलत दर्ज हो गया है और आपने इसे समय रहते नहीं सुधारा, तो आगे चलकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। यह गलती टैक्स असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्सपेयर के रिकॉर्ड में TDS क्रेडिट को सही तरीके से रिफ्लेक्ट नहीं होने देगा। आसान शब्दों में कहें तो, टैक्सपेयर ने जो टैक्स चुकाया है, वह उसके खाते में नहीं दिखेगा।
इसका सीधा असर तब पड़ेगा जब टैक्सपेयर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करेगा। TDS मिसमैच होने के कारण सिस्टम में टैक्स लायबिलिटी (टैक्स देनदारी) बढ़ी हुई दिखाई दे सकती है।
इसके अलावा, TDS स्टेटमेंट और आपके टैक्स रिकॉर्ड में अंतर आने की वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस या कोई ईमेल आ सकता है। साथ ही, अगर आपका कोई रिफंड बनता है, तो वह भी लंबे समय के लिए अटक सकता है।
नया इनकम टैक्स लॉ लागू होने के बाद डिजिटल सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है। इसी बदलाव के तहत नए फीचर्स तो आ रहे हैं, लेकिन कुछ पुरानी और जरूरी सुविधाएं (Legacy Correction Facilities) अभी भी केवल पुराने TRACES प्लेटफॉर्म पर ही एक्टिव हैं। नए TRACES पोर्टल में फिलहाल OLTAS चालान करेक्शन की यह स्पेशल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
यह करेक्शन मुख्य रूप से उन डिडक्टर्स के लिए जरूरी है जो TAN आधारित टैक्स कंप्लायंस को मैनेज करते हैं। डिपार्टमेंट ने सलाह दी है कि किसी भी तरह के मिसमैच से बचने के लिए पुराने पोर्टल के जरिए ही इस रिक्वेस्ट को प्रोसेस किया जाए।
अगर आपसे TDS चालान भरते समय साल का चयन करने में गलती हो गई है (जैसे वित्त वर्ष 2026-27 की जगह गलती से पुराना साल दर्ज हो गया है), तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके पुराने TRACES पोर्टल पर इसे ठीक कर सकते हैं:
एक बार जब डिपार्टमेंट की ओर से इस रिक्वेस्ट को प्रोसेस कर दिया जाए, तो डिडक्टर को यह जरूर वेरिफाई कर लेना चाहिए कि सुधारे गए चालान की डिटेल्स अब टैक्स रिकॉर्ड में सही से दिख रही हैं या नहीं।
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चूंकि नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 पूरी तरह से अमल में आ रहा है, इसलिए टैक्स एक्सपर्ट्स डिडक्टर्स और टैक्सपेयर्स दोनों को बेहद सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। कंपनियों और डिडक्टर्स को सलाह दी गई है कि वे चालान सबमिट करने से पहले हर एक डिटेल को दो बार चेक करें।
वहीं, टैक्सपेयर्स के लिए यह जरूरी है कि वे अपना रिटर्न फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका किया गया भुगतान, TDS स्टेटमेंट और टैक्स क्रेडिट पूरी तरह से सही टैक्स ईयर से मेल खा रहे हों। डिजिटल सिस्टम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच, किसी भी समस्या से बचने का यही एकमात्र तरीका है कि आप फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में टैक्स क्रेडिट की जांच पहले ही कर लें।