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तोहफे देने का बदला अंदाज! डिब्बों वाली मिठाई छोड़ अब क्यों ‘डिजिटल गिफ्ट्स’ की तरफ बढ़ रहे हैं लोग

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अब लोग सामान के बजाय डिजिटल वाउचर गिफ्ट करना पसंद कर रहे हैं। सुविधा और तुरंत डिलीवरी की वजह से गिफ्ट देने का तरीका आज के दौर में पूरी तरह बदल गया है

Last Updated- May 09, 2026 | 6:38 PM IST
Digital gift
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत में खुशियों के मौके पर एक-दूसरे को तोहफे देना हमारी पुरानी आदत है। लेकिन अब यह तरीका पूरी तरह बदल रहा है। पहले हम दुकान पर जाकर सामान खरीदते थे, उसे पैक कराते थे और फिर खुद जाकर देते थे। लेकिन अब स्मार्टफोन और UPI के दौर में सब कुछ मोबाइल से होने लगा है। आज लोग किसी को सामान देने के बजाय मोबाइल पर ‘ई-गिफ्ट वाउचर’ या ‘डिजिटल कार्ड’ भेजना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

इस बदलाव पर GyFTR के CEO अरविंद प्रभाकर का कहना है कि भारत में डिजिटल गिफ्टिंग अब कोई नई बात नहीं रह गई है, बल्कि यह सबकी पसंद बन चुकी है। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने इसे घर-घर तक पहुँचा दिया है।

पसंद आपकी, तोहफा हमारा

प्रभाकर बताते हैं, “आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग ‘सुविधा’ को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। पहले जब हम किसी को कोई कपड़ा या घर का सामान गिफ्ट करते थे, तो हमेशा यह डर रहता था कि उसे वह पसंद आएगा या नहीं। डिजिटल गिफ्टिंग ने इस टेंशन को खत्म कर दिया है।”

वे कहते हैं कि अब आप किसी को उनकी पसंद के ब्रांड का वाउचर भेज देते हैं और सामने वाला अपनी मर्जी से कुछ भी खरीद सकता है। इससे तोहफा देने वाले की मेहनत बचती है और लेने वाले को अपनी पसंद का सामान मिल जाता है। साथ ही, अब कूरियर से सामान भेजने का झंझट और उसके रास्ते में टूटने-फूटने का डर भी खत्म हो गया है।

Also Read: सिर्फ कवर लेने से नहीं चलेगा काम! भारी-भरकम मेडिकल बिलों से बचने के लिए ऐसे बनाएं अपना हेल्थ फंड

अब आखिरी मिनट में भी दे सकते हैं बढ़िया गिफ्ट

डिजिटल गिफ्टिंग की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तुरंत भेजा जा सकता है। प्रभाकर के मुताबिक, “अब लोग आखिरी समय में भी गिफ्ट खरीदना पसंद कर रहे हैं। अगर आप किसी का जन्मदिन भूल गए हैं, तो मोबाइल से एक मिनट में गिफ्ट भेज सकते हैं।”

पहले लोग सिर्फ दिवाली या शादी जैसे बड़े मौकों पर ही गिफ्ट देते थे, लेकिन अब छोटी-छोटी खुशियों पर भी गिफ्ट देना आम बात हो गई है। आजकल के युवा, जिन्हें हम मिलेनियल्स और जेन-जी कहते हैं, वे भारी-भरकम सामान के बजाय ‘अनुभव’ को ज्यादा तवज्जो देते हैं। यही वजह है कि अब लोग होटल में खाने के वाउचर, घूमने-फिरने के कूपन या शॉपिंग वाउचर देना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

कंपनियों में भी बढ़ा डिजिटल गिफ्ट का चलन

प्रभाकर बताते हैं कि सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों और ग्राहकों को खुश करने के लिए डिजिटल गिफ्ट्स का सहारा ले रही हैं। कंपनियों के लिए यह बहुत आसान है क्योंकि वे एक साथ हजारों लोगों को मोबाइल पर गिफ्ट भेज सकती हैं और यह भी देख सकती हैं कि किसने उसका इस्तेमाल किया और किसने नहीं।

प्रभाकर का कहना है कि भारत में अब तोहफे देना केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहा। यह हमारी रोजमर्रा की आदत बन गया है। तकनीक की वजह से अब गिफ्ट देना न केवल आसान हुआ है, बल्कि इसमें एक निजी जुड़ाव भी बढ़ गया है। आने वाले समय में यह तरीका और भी ज्यादा लोकप्रिय होने वाला है।

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First Published - May 9, 2026 | 6:38 PM IST

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