facebookmetapixel
Advertisement
Explainer: Physical Gold, ETF या नया EGR? सोने में निवेश का कौन सा विकल्प है आपके लिए बेस्टदिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 की पाबंदियां लागू, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ कैटेगरी में पहुंची Chana Price: चना हुआ गरम, आवक घटने और निचले भाव पर खरीद बढ़ने से भाव चढ़ेम्युचुअल फंड में महिला निवेशकों का AUM FY26 में ₹11 लाख करोड़ के पार, SIP में 29% हिस्सेदारीExplainer: क्या सिर्फ परिवार की प्रॉपर्टी में रहने से मिल जाता है मालिकाना हक? जानिए कानून क्या कहता हैThe Wealth Company बनी EGR से जुड़ने वाली पहली AMC, अब NSE पर मिलेगा शेयर की तरह सोनाBharat Electronics Q4 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹2,225 करोड़ के पार, रेवेन्यू में भी 12% की जोरदार बढ़ोतरीIndia Markets Outlook: लंबी अव​धि में ग्रोथ की संभावना मजबूत, मार्च 2027 तक 29,000 पर पहुंच सकता है निफ्टीICICI PRU MF ने लॉन्च किए 2 नए SIF, लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर फोकस; किन निवेशकों के लिए हैं बेहतर?Angel One से MCX तक क्यों दौड़ रहे हैं ये शेयर? निवेशकों में खरीदारी की होड़

रिटायरमेंट पर ₹5 करोड़ का फंड? EPF, PPF और NPS में निवेश का यह फॉर्मूला अपनाएं और हो जाएं निश्चिंत

Advertisement

अगर आपकी उम्र 30 साल है तो आप EPF, PPF और NPS के सही तालमेल से निवेश शुरू कर रिटायरमेंट तक 5 करोड़ रुपये का फंड और बेहतरीन टैक्स बचत पा सकते हैं

Last Updated- March 31, 2026 | 5:19 PM IST
Retirement Planning
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अगर आप 30 की उम्र में हैं और चाहते हैं कि जब आप 60 के हो तो आपके पास 5 करोड़ रुपये का एक मोटा रिटायरमेंट फंड हो, तो इसके लिए अभी से सही प्लानिंग जरूरी है। महंगाई बढ़ रही है और लंबी उम्र के साथ खर्च भी बढ़ते हैं, इसलिए सिर्फ बचत नहीं, समझदारी से निवेश करना जरूरी है। ऐसे में आपको EPF, PPF और NPS जैसी स्कीम्स मिलकर एक बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती हैं। सही बैलेंस के साथ इन तीनों में निवेश करने से रिस्क भी कम रहेगा और लंबी समय में अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है।

NPS: ज्यादा रिटर्न, लेकिन मार्केट रिस्क

NPS में शेयर बाजार का हिस्सा ज्यादा होता है, इसलिए पिछले 10 साल में इसने करीब 8 से 12% सालाना रिटर्न दिया है। वहीं EPF और PPF का रिटर्न आमतौर पर 7–9% के आसपास रहता है।

टैक्स के मामले में भी NPS काफी फायदे का सौदा माना जाता है। इसमें आपको 2 तरह से फायदा मिलता है। सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। इसके अलावा सेक्शन 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये की एक्स्ट्रा टैक्स छूट मिलती है यानी कुल मिलाकर आप 2 लाख रुपये तक की टैक्स बचत कर सकते हैं। इसलिए NPS को 3E कहा जाता है, यानी निवेश पर छूट मिलती है, बीच में जो ग्रोथ होती है उस पर टैक्स नहीं लगता और पैसा निकालते समय भी राहत मिलती है।

Also Read: NPS Calculation: ₹2.5 करोड़ के फंड के साथ ₹100,000 की पेंशन, कितना करना होगा मंथली निवेश

EPF और PPF: स्थिरता और कम रिस्क

EPF सैलरीड कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट स्कीम है, जिसका मौजूदा रिटर्न 8.25 प्रतिशत सालाना है। इसमें हर साल 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है और मैच्योरिटी पर पूरा अमाउंट टैक्स-फ्री होता है।

अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से EPF में हर महीने 27,000 रुपये निवेश करता है, तो वह 60 साल की उम्र तक करीब 5 करोड़ रुपये का फंड बना सकता है। इसमें कुल निवेश लगभग 97 लाख रुपये होगा।

अब बात करते हैं कि PPF एक सरकारी बैक्ड लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है, जो फिलहाल 7.1 प्रतिशत सालाना रिटर्न दे रही है। लेकिन इसकी सालाना निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये है, इसलिए इसमें अकेले 5 करोड़ रुपये का फंड बनाना मुश्किल है।

5 करोड़ का फंड बनाने का फॉर्मूला

मान लीजिए आपकी उम्र अभी 30 साल है और आप हर महीने 1 लाख रुपये कमाते हैं और NPS और PPF में निवेश शुरू कर देते हैं। साथ ही EPF में भी आपका पैसा कटता है।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है। तो इसके हिसाब से EPF के लिए हर महीने 7,835 रुपये (कर्मचारी का 12 प्रतिशत और एम्पलॉयर का 3.67 प्रतिशत) जमा होगा। अगर सैलरी में हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो योगदान भी उसी हिसाब से बढ़ेगा। 30 साल में यह EPF फंड करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

NPS में अगर हर महीने 10,000 रुपये निवेश करें, तो 8 प्रतिशत सालाना रिटर्न के हिसाब से 30 साल में यह करीब 1.5 करोड़ रुपये बन सकता है।

PPF में हर महीने 12,500 रुपये (यानी सालाना 1.5 लाख रुपये, जो अधिकतम सीमा है और सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है) निवेश करने पर 30 साल में करीब 1.5 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है।

इस तरह, हर महीने EPF में 7,835 रुपये, NPS में 10,000 रुपये और PPF में 12,500 रुपये निवेश करके 30 साल में 5 करोड़ रुपये का फंड बना सकता है। यानी कुल मिलाकर 30,000 रुपये से थोड़ा ज्यादा मासिक निवेश इस लक्ष्य तक पहुंचने में मदद कर सकता है।

मिक्स्ड स्ट्रैटजी क्यों है बेहतर?

एक ही स्कीम पर निर्भर रहना समझदारी नहीं मानी जाती। फाइनेंशियल एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर महीने करीब 30,000 रुपये इन तीनों स्कीम्स में बांटकर निवेश करें। इससे रिस्क बैलेंस रहता है, टैक्स बचत होती है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिल सकते हैं।

Also Read: NPS New Rules: NPS में करते हैं निवेश? ये पांच जरूरी बदलाव, जो आपको जरूर जानना चाहिए

सिर्फ रिटर्न नहीं, रिस्क और टैक्स भी समझें

5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर फैसला लेना ठीक नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले रिटर्न आगे भी वैसे ही मिलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए निवेश से पहले अपनी आमदनी, खर्च, जोखिम लेने की क्षमता और अपने लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

इसी वजह से 2026 में निवेश की योजना बनाते समय ऐसा बैलेंस्ड पोर्टफोलियो बनाना बेहतर है, जिसमें EPF की स्थिरता, PPF की सुरक्षा और NPS की ग्रोथ तीनों का सही संतुलन हो।

(डिस्क्लेमर: यह आंकड़ा कैलकुलेशन और वर्तमान ब्याज दरों पर आधारित है। अगर भविष्य में ब्याज दरों में कोई बदलाव होता है तो फंड कम या ज्यादा हो सकता है।)

Advertisement
First Published - March 31, 2026 | 5:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement