Green Card Rules: अमेरिका ने अपनी बहुचर्चित डाइवर्सिटी इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम, जिसे आम तौर पर Green Card लॉटरी के नाम से जाना जाता है, में बड़े बदलाव करते हुए नए नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। ये नए नियम 10 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इनके तहत आवेदन प्रक्रिया में पहचान सत्यापन को पहले से कहीं अधिक सख्त बना दिया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संबंध में “वीजा: डाइवर्सिटी इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम में जांच प्रक्रिया को मजबूत करना और धोखाधड़ी पर रोक” शीर्षक से अंतिम अधिसूचना फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वीजा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।
नए नियमों के अनुसार अब Green Card लॉटरी में आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को अपने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में एक वैध और एक्सपायर न हुआ पासपोर्ट का विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आवेदकों को अपने पासपोर्ट के बायोग्राफिक और सिग्नेचर पेज की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में सीमित छूट का प्रावधान भी रखा गया है।
डाइवर्सिटी वीजा प्रोग्राम के तहत हर साल करीब 55,000 वीजा उन देशों के लोगों को दिए जाते हैं, जहां से अमेरिका में प्रवासियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है। इस प्रक्रिया में कंप्यूटर आधारित रैंडम चयन के जरिए आवेदकों का चुनाव किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि विभिन्न देशों के लोगों को समान अवसर मिलें।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस प्रोग्राम में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में फर्जी आवेदन, एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार अलग अलग पहचान के साथ आवेदन करना, और एजेंट या बिचौलियों द्वारा बिना जानकारी के लोगों के नाम से आवेदन करना जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं।
विदेश विभाग का मानना है कि पासपोर्ट से जुड़ी अनिवार्यता लागू करने से हर आवेदन को एक वास्तविक व्यक्ति से जोड़ना आसान हो जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा करने वाले नेटवर्क पर भी अंकुश लगेगा और एक व्यक्ति द्वारा कई बार आवेदन करने की संभावना कम हो जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ देशों में संगठित तरीके से ऐसे नेटवर्क सक्रिय रहे हैं, जो लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम से बड़ी संख्या में आवेदन करते थे। नए नियमों के जरिए इस तरह की गतिविधियों को रोकने का प्रयास किया गया है।
अमेरिका की Diversity Visa लॉटरी में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए पासपोर्ट से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। नए प्रावधान के तहत अब आवेदकों को ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपने पासपोर्ट की पूरी जानकारी देने के साथ उसका डिजिटल स्कैन भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह कदम आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जी प्रविष्टियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपने पासपोर्ट से संबंधित निम्नलिखित विवरण भरने होंगे:
पासपोर्ट नंबर
पासपोर्ट जारी करने वाला देश या प्राधिकरण
पासपोर्ट की समाप्ति तिथि
पासपोर्ट के बायोग्राफिक पेज और हस्ताक्षर वाले पेज की स्कैन कॉपी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई आवेदक इन आवश्यक जानकारियों या दस्तावेजों को अपलोड नहीं करता है, तो उसका आवेदन अमान्य घोषित किया जा सकता है।
हालांकि इस नियम में कुछ सीमित परिस्थितियों में छूट भी दी गई है। ऐसे लोग जो बिना किसी नागरिकता के हैं, या जिन्हें अपने देश की सरकारी पाबंदियों के कारण पासपोर्ट बनवाना संभव नहीं है, उन्हें इस नियम से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, कुछ विशेष मामलों में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई छूट भी मान्य होगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पासपोर्ट से जुड़ा यह नियम पूरी तरह नया नहीं है। इससे पहले वर्ष 2019 में भी इसी तरह का प्रावधान लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य फर्जी आवेदन रोकना था। लेकिन वर्ष 2022 में एक अमेरिकी संघीय अदालत ने इस नियम को रद्द कर दिया था। अदालत का कहना था कि सरकार ने इसे लागू करने से पहले जरूरी सार्वजनिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया था।
डीवी वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव, आवेदन प्रक्रिया में सख्ती बढ़ी
अमेरिका के Diversity Visa यानी डीवी प्रोग्राम में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों पर पड़ेगा। नए नियमों का उद्देश्य वीजा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुरक्षित बनाना बताया जा रहा है।
नए दिशा-निर्देशों के तहत कुछ तकनीकी शब्दों में भी संशोधन किया गया है। अब आवेदन फॉर्म में “जेंडर” शब्द की जगह “सेक्स” का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह “एज” के स्थान पर “डेट ऑफ बर्थ” यानी जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि ये बदलाव डेटा संग्रह की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सुसंगत बनाने के लिए किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार, डीवी लॉटरी में आवेदन करते समय वैध पासपोर्ट होना जरूरी होगा। इससे पहचान की पुष्टि को अधिक मजबूत किया जाएगा और फर्जी या गलत आवेदन की संभावना कम होगी। यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ये सभी बदलाव DV-2027 लॉटरी से लागू होंगे। हालांकि, अभी तक DV-2027 के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। विभाग ने फिलहाल आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत को टाल दिया है।
डीवी लॉटरी हर साल दुनियाभर के लाखों लोगों को आकर्षित करती है। यह अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने के सबसे लोकप्रिय और सुलभ तरीकों में से एक है। इसलिए नियमों में हुए ये बदलाव बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करेंगे।
दिसंबर 2025 में इस कार्यक्रम को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। यह फैसला एक गंभीर घटना के बाद लिया गया, जिसमें ब्राउन यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में शामिल संदिग्ध व्यक्ति पुर्तगाल का नागरिक था, जिसने 2017 में डीवी प्रोग्राम के जरिए अमेरिका में प्रवेश किया था और बाद में उसे ग्रीन कार्ड मिल गया था।
अमेरिका की बहुचर्चित डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी योजना में भारतीय नागरिकों को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। ताजा स्थिति के अनुसार, भारतीय नागरिक कम से कम वर्ष 2028 तक इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे। यह फैसला अमेरिका के उस नियम पर आधारित है, जिसके तहत उन देशों को इस लॉटरी में शामिल किया जाता है जहां से अमेरिका में प्रवास करने वाले लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है।
दरअसल, डाइवर्सिटी वीजा प्रोग्राम का उद्देश्य अमेरिका में प्रवासी आबादी को संतुलित और विविध बनाना है। इसके लिए हर साल उन देशों के नागरिकों का चयन किया जाता है, जहां से पिछले पांच वर्षों में 50 हजार से कम लोग अमेरिका गए हों। जिन देशों से यह संख्या अधिक होती है, उन्हें इस योजना से बाहर रखा जाता है।
भारत इस मानक पर खरा नहीं उतर पा रहा है, क्योंकि यहां से अमेरिका जाने वाले लोगों की संख्या लगातार इस तय सीमा से काफी अधिक रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 93,450 भारतीय अमेरिका गए थे। इसके बाद वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 1,27,010 हो गई। वर्ष 2023 में भी 78,070 भारतीयों ने अमेरिका में प्रवास किया। ये सभी आंकड़े निर्धारित 50 हजार की सीमा से कहीं ज्यादा हैं।
इसी वजह से भारत को डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी से बाहर रखा गया है। जब तक भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों की संख्या इस तय सीमा से नीचे नहीं आती, तब तक भारतीय नागरिकों के लिए इस योजना में शामिल होना संभव नहीं होगा।
गौरतलब है कि भारत के अलावा कुछ अन्य देश भी इस लॉटरी में शामिल नहीं हैं। इनमें चीन, दक्षिण कोरिया, कनाडा और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं, जहां से अमेरिका में प्रवास की संख्या अधिक बनी हुई है।