कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सिस्टम को EPFO 3.0 के रूप में पूरी तरह बदलने की तैयारी में है, जिसका मकसद PF सेवाओं को बैंकिंग जैसी आसान और तेज बनाना है। इस बदलाव से करोड़ों मेंबर्स के लिए निकासी, ट्रांसफर और क्लेम की प्रक्रिया पहले से सरल और डिजिटल हो जाएगी। UPI से पैसे निकालने, ऑटो ट्रांसफर और कागजी कार्रवाई भविष्य में काफी आसान हो जाएंगे। साथ ही पेंशन और निकासी नियमों को सरल कैटेगरी में बांटा जा रहा है, ताकि लोग अपनी जरूरत के समय तेजी से फंड का इस्तेमाल कर सकें। यह व्यवस्था रिटायरमेंट सुरक्षा और आसान एक्सेस पर फोकस करती है। आइए इनसे जुड़े 10 मुख्य बातों को आसान भाषा में समझते हैं।
EPFO 3.0 एक टेक्निकल अपग्रेड है, जिसमें पुरानी सिस्टम को बैंकिंग सिस्टम जैसा बनाया जा रहा है। इसका मतलब है कि अब काम रीयल-टाइम में होगा, गलतियां कम होंगी और सेवाएं पहले से तेज मिलेंगी। मेंबर्स को छोटे-बड़े काम के लिए EPFO ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरा सिस्टम डिजिटल होगा, जिसे आप कहीं से भी आसानी से इस्तेमाल कर पाएंगे।
पहले PF निकालने के लिए 13 अलग-अलग नियम थे, जिससे लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते थे। अब इन्हें आसान तरीके से सिर्फ तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। पहली कैटेगरी है जरूरी जरूरतें, जैसे बीमारी, पढ़ाई और शादी। दूसरी है घर से जुड़ी जरूरतें, जैसे घर खरीदना, बनवाना या लोन चुकाना। तीसरी कैटेगरी में खास हालात आते हैं, जैसे प्राकृतिक आपदा या कोई अचानक आने वाला संकट। इससे मेंबर्स के लिए नियम समझना आसान हो जाएगा और पूरी प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।
पहले अलग-अलग तरह की PF निकासी के लिए नौकरी की अलग-अलग समय जरूरी होती थी, जो 1 साल से लेकर 7 साल तक हो सकती थी। लेकिन अब इसे आसान बनाकर सभी के लिए एक समान नियम कर दिया गया है, जिसमें कम से कम 12 महीने की सर्विस जरूरी होगी। यानी अगर आप एक साल से नौकरी कर रहे हैं, तो जरूरत पड़ने पर अपने PF का कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं। यह बदलाव खासकर युवाओं और बार-बार नौकरी बदलने वाले लोगों के लिए काफी राहत देने वाला है।
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पहले लोग अपने PF खाते से सिर्फ अपनी जमा की गई रकम और उस पर मिला ब्याज ही निकाल सकते थे। लेकिन अब नियमों में बदलाव के बाद एम्प्लॉयर का योगदान और उस पर मिला ब्याज भी निकासी के दायरे में शामिल हो गया है। यानी अब कुल PF बैलेंस का बड़ा हिस्सा जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे इमरजेंसी के समय लोगों को ज्यादा आर्थिक मदद मिल सकेगी।
अब कई मामलों में PF की 75 प्रतिशत तक राशि बिना किसी डॉक्यूमेंट के निकाली जा सकेगी। पहले इसके लिए अक्सर प्रमाण पत्र, बिल या दूसरे कागज जमा करने पड़ते थे, जिससे प्रक्रिया लंबी और मुश्किल हो जाती थी। लेकिन अब इस बदलाव से समय की बचत होगी और पूरा प्रोसेस ज्यादा आसान और बिना झंझट वाला हो जाएगा।
पहले नौकरी छूटने पर PF से सीमित ही पैसा निकाला जा सकता था। लेकिन अब नए नियम के तहत PF बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा, जिसमें कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों का योगदान शामिल है, तुरंत निकाला जा सकेगा। बाकी बचा हुआ 25 प्रतिशत 12 महीने बाद मिलेगा। इस बदलाव से बेरोजगारी के समय लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी और साथ ही रिटायरमेंट के लिए बचत भी सुरक्षित बनी रहेगी।
55 साल की उम्र में रिटायरमेंट, स्थायी विकलांग होने पर, नौकरी से छंटनी, वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम या देश छोड़कर हमेशा के लिए जाने जैसी स्थितियों में पूरी PF राशि निकालने की अनुमति पहले से ही है। ये नियम पहले भी लागू थे, लेकिन अब नए बदलाव के बाद पूरी प्रक्रिया और ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी।
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रिटायरमेंट के लिए अब कम से कम 25 प्रतिशत रकम PF खाते में रखना जरूरी होगा। पहले ऐसा कोई सख्त नियम नहीं था। इस बदलाव का मकसद यह है कि लोग बार-बार पैसे निकालकर अपनी बुढ़ापे की बचत कम न कर दें और उन्हें कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता रहे।
पहले पेंशन फंड की राशि 2 महीने बाद निकाली जा सकती थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 36 महीने यानी 3 साल बाद करने की अनुमति दी गई है। इस बदलाव का मकसद मेंबर्स को 10 साल की सदस्यता पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें मंथली पेंशन मिल सके और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती रहे।
EPFO 3.0 का सबसे बड़ा फीचर UPI के जरिए PF निकासी है। अब लोग UPI ऐप से सीधे अपने PF अकाउंट से पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके साथ ही ATM से भी पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए न तो ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ेगा और न ही EPFO ऑफिस जाने की जरूरत होगी।
अब क्लेम सेटलमेंट पहले से तेज होगा और बैलेंस भी रीयल-टाइम में देखा जा सकेगा। नौकरी बदलने पर KYC वेरिफाइड मेंबर्स का PF ऑटोमैटिक ट्रांसफर भी हो जाएगा। ये सभी बदलाव लोगों को अपनी बचत पर ज्यादा कंट्रोल देंगे और साथ ही रिटायरमेंट सुरक्षा को भी बनाए रखेंगे। EPFO 3.0 जल्द लागू होने की उम्मीद है, जिससे लाखों लोगों की सुविधा बढ़ेगी।