फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो के शेयरों के भाव में सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस पर सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऐंकर निवेशकों का एक महीने की लॉक-इन अवधि खत्म होने के साथ ही जोमैटो के शेयरों में यह गिरावट देखी गई है।
कारोबार की समाप्ति पर जोमैटो का भाव 127 रुपये प्रति शेयर पर रहा जो पिछले कारोबारी दिवस की तुलना में 8.8 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्शाता है।
एनएसई पर जोमैटो के करीब 6.8 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ जो दो हफ्तों के औसत 4.4 करोड़ शेयरों से करीब 54 फीसदी ज्यादा है। विश्लेषकों के मुताबिक सामान्य से ज्यादा शेयरों की खरीद-बिक्री होना ऐंकर निवेशकों के मुनाफा कमाने का संकेत देता है। स्वतंत्र विश्लेषक अंबरीश बलिगा कहते हैं, ‘ऐंकर निवेशको को उनकी चाहत से ज्यादा मिला लिहाजा उनका मुनाफा कमाना स्वाभाविक है।’
ऐंकर निवेशक वे संस्थागत निवेशक होते हैं जिन्हें सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आने के एक दिन पहले शेयरों की पेशकश की जाती है। ऐंकर निवेशकों का मजबूत रुझान होने पर निर्गम को तेजी मिलती है क्योंकि तमाम तरह के निवेशक किसी निर्गम में निवेश से पहले ही ऐंकर आवंटन को अहमियत देते हैं। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वर्ष 2009 में ऐंकर निवेशकों की संकल्पना लागू की थी जिसके मुताबिक शेयर आवंटन होने के 30 दिन बाद ही वे अपने शेयरों की बिक्री कर सकते हैं। यह नियम निवेशकों को सूचीबद्धता के दिन ही शेयरों की बिक्री करने से रोकने के लिए लाया गया था।
फूड डिलीवरी कारोबार में तेजी से खास जगह बनाने वाली कंपनी जोमैटो शेयर बाजार में 115.51 फीसदी ज्यादा भाव पर सूचीबद्ध हुई थी। अभी तक इसके शेयरों ने निर्गम मूल्य पर 94 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। जोमैटो के शेयरों के 40 गुना सब्सक्राइब होने पर आईपीओ से 2.1 लाख करोड़ रुपये हासिल हुए थे। इस आईपीओ को टेक क्षेत्र एवं स्टार्टअप कंपनियों के लिए एक परीक्षण केस के तौर पर देखा जा रहा था। जोमैटो को मिले तगड़े समर्थन से यही संकेत मिले कि घरेलू निवेशक उन कंपनियों में भी पैसे लगाने को तैयार हैं जो फिलहाल मुनाफा नहीं कमा रहे हैं।