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विप्रो: मजबूत ऑर्डर, बदलावों से निवेशक धारणा हुई मजबूत

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 10:27 AM IST

विप्रो का शेयर बुधवार को करीब 6 प्रतिशत चढ़ गया था। आईटी कंपनी द्वारा जर्मन फूड थोक विक्रेता मेट्रो एजी को पांच साल तक आईटी सेवाएं मुहैया कराने के लिए 70 करोड़ डॉलर का समझौता किए जाने के बाद इस शेयर में यह तेजी देखने को मिली है। मंगलवार की शाम घोषित इस सौदे (जो मूल रूप से पांच साल के लिए) को अन्य चार वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है, और इससे न्यूनतम राजस्व प्रतिबद्घता बढ़कर 1 अरब डॉलर हो जाएगी। विश्लेषकों का कहना है कि विप्रो ने प्रबंधन में बदलाव के बाद से बड़े सौदे हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई है। प्रभुदास लीलाधर के विश्लेषकों ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है, ‘सौदे हासिल करने की तेज रफ्तार तीसरी तिमाही में भी बरकरार रही, भले ही इस तिमाही को अपेक्षाकृत एक कमजोर अवधि माना जाता है। विप्रो ने तीसरी तिमाही में मेट्रो सौदे के साथ साथ ं ओलम्पस, थॉटस्पॉट, और फॉच्र्यूम एंड वेरीफोन समेत पांच सौदे किए। इससे हमें विप्रो के नए प्रबंधन के श्रेष्ठï क्रियान्वयन को लेकर भरोसा बढ़ा है।’
 
बड़े सौदों में सुधार और मजबूत ऑर्डर प्रवाह से मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के साथ साथ अगले साल राजस्व वृद्घि को मदद मिलने की संभावना है। मेट्रो सौदा विप्रो के सालाना राजस्व के 1.5 प्रतिशत के बराबर है और विश्लेषकों को कंपनी का राजस्व 2021-22 में 8 प्रतिशत बढऩे की संभावना है, जो 2015-16 के बाद से सर्वाधिक वृद्घि है। विप्रो और इन्फोसिस द्वारा घोषित अरबों डॉलर के सौदों को निवेशकों से अलग अलग प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि डेमलर के साथ इन्फोसिस के सौदे (2.6 प्रतिशत तेजी) को कारगर माना गया था, जबकि विप्रो ने बाजार को आश्चर्यचकित किया है और उसका शेयर इन्फोसिस के मुकाबले सस्ता भी है। विप्रो ने हाल के समय में कई बदलाव किए हैं जिससे विश्लेषकों को इसे लेकर उम्मीद बढ़ी है कि कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ अंतर घटाने में सफल रहेगी। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के कार्यकारी निदेशक एवं शोध प्रमुख कवलजीत सलूजा ने कहा, ‘इन बदलावों का मकसद आंतरिक टकराव घटाना और ग्राहक लगाव बढ़ाना, कुछ खास बाजारों पर ध्यान बढ़ाना है। कंपनी ने लंबी यात्रा में एक मजबूत कदम उठाया है। हमें विश्वास है कि वृद्घि दर में अंतर प्रतिस्पर्धियों की तुलना में घटेगा, हालांकि हमें वृद्घि दर में अंतर पूरी तरह समाप्त होने का भरोसा नहीं है।’ समझौते के तहत विप्रो ने दो मेट्रो आईटी इकाइयों को हासिल करने और करीब 1,300 मेट्रो कर्मचारियों को खपाने की भी योजना बनाई है। विश्लेषकों का कहना है कि विप्रो द्वारा इन इकाइयों का अधिग्रहण यूरोपीय क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने की उसकी रणनीति के अनुरूप है। यूरोपीय क्षेत्र ऐसा भूभाग है जहां अतीत में कंपनी को दबाव का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसका शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम अगले सप्ताह शुरू होगा। पिछले महीने शेयरधारकों ने 400 रुपये प्रति शेयर (बुधवार के बंद भाव के मुकाबले 4 प्रतिशत ज्यादा) के हिसाब से 23.75 करोड़ इक्विटी शेयरों की खरीद के लिए विप्रो की पुनर्खरीद पेशकश को मंजूरी प्रदान की थी।

First Published : December 25, 2020 | 9:32 PM IST