facebookmetapixel
Advertisement
क्या बिना PAN के अटक रहा है ITR? मिनटों में बनाएं और डाउनलोड करें डिजिटल e-PANनंदन नीलेकणी से एस. सोमनाथ तक… जानिए परीक्षा सुधार पैनल के 6 विशेषज्ञों की पूरी प्रोफाइलJuniper Green Energy IPO: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी ला रही ₹1,800 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड हुआ तय; जानें कब खुलेगामहंगा कच्चा माल… फिर भी रिकॉर्ड कमाई! आखिर कंपनियां कर क्या रही हैं?Gold, Silver Price Today: सोना ₹757 चढ़ा, चांदी ₹2266 चमकी; क्रूड की नरमी ने दिया सपोर्टएक के बाद एक संकट झेलने वाली Gopal Snacks की वापसी? ब्रोकरेज को दिखी 64% तेजीजुलाई में IPO की बरसात, ₹9,275 करोड़ का Manipal Health इश्यू आखिरी बड़ा दांवGIFT City में पड़े लावारिस पैसों के लिए बनेगा खास फंड, जानिए किसे मिलेगा पैसाTCS-Infosys से Wipro तक… 5 दिग्गज IT कंपनियों की रिपोर्ट ने बढ़ाई निवेशकों की चिंताIndiGo का राजस्व 19% बढ़ा, फिर भी ₹240 करोड़ का नुकसान क्यों हुआ?

टैक्स की मार से सहमा बाजार! STT बढ़ने से ब्रोकर्स ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घटाया अपना दांव

Advertisement

1 अप्रैल से प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ने के कारण ब्रोकर्स की लागत बढ़ गई है, जिससे अप्रैल में डेरिवेटिव मार्केट में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी घट गई

Last Updated- May 24, 2026 | 10:04 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अप्रैल में इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी घट गई। इसकी वजह प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में बढ़ोतरी के कारण आर्बिट्रेज गतिविधियों की ब्रेक-ईवन लागत बढ़ना रही। ये ट्रेडिंग ब्रोकर अपने खुद के अकाउंट में करते हैं। एनएसई मार्केट पल्स डेटा के अनुसार इक्विटी फ्यूचर्स (नोशनल टर्नओवर) में प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग की हिस्सेदारी मार्च के 32.7 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 28.3 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट (प्रीमियम टर्नओवर) में यह हिस्सेदारी 49.3 प्रतिशत से घटकर 46.4 फीसदी हो गई।

इक्विटी फ्यूचर्स सेगमेंट में विदेशी निवेशकों की भागीदारी पहली बार प्रॉपराइटरी से आगे निकल गई और 30.8 प्रतिशत के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। खुदरा निवेशकों की भागीदारी पिछले महीने के 15.3 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 17.6 प्रतिशत हो गई।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एसटीटी बढ़ोतरी लागू होने के बीच इक्विटी ऑप्शंस सेगमेंट (प्रीमियम टर्नओवर) में भागीदारी का पैटर्न भी प्रॉपराइटरी हिस्से में कमी बताता है।’ 

1 अप्रैल से, फ्यूचर्स पर एसटीटी को पहले के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर ट्रेडेड वैल्यू का 0.05 प्रतिशत कर दिया गया। ऑप्शंस में प्रीमियम टर्नओवर पर टैक्स को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि एक्सरसाइज्ड ऑप्शंस पर लेवी को 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर इंट्रिंसिक वैल्यू का 0.15 प्रतिशत कर दिया गया।

बाजार हिस्सेदारी परिदृश्य में बदलाव से भागीदारी के रुझानों में व्यापक पुनर्संतुलन का संकेत मिलता है। इंडेक्स ऑप्शंस में प्रॉपराइटरी और रिटेल दोनों तरह के कारोबार में गिरावट आई, जबकि स्टॉक ऑप्शंस में गतिविधियां बढ़ी, जो शेयर-विशिष्ट अनुबंधों की ओर धीरे-धीरे बदलाव का संकेत देती है।

Advertisement
First Published - May 24, 2026 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement