महामारी के दौर में बड़े मार्जिन से लार्जकैप कंपनियों को पछाडऩे के बाद मिडकैप आईटी कंपनियों मसलन एलऐंडटी इन्फोटेक, माइंडट्री, ओरेकल फाइनैंशियल सर्विसेज और टाटा एलेक्सी अब दबाव में हैं। अगस्त के दौरान मिडकैप आईटी शेयरों का बाजार पूंजीकरण 5 फीसदी बढ़ा है जबकि लार्जकैप आईटी शेयरों के एमकैप में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मिडकैप आईटी शेयर अब व्यापक बाजार के प्रदर्शन के मुकाबले भी पिछड़ रहे हैं। इस महीने अब तक बीएसई सेंसेक्स 6.1 फीसदी चढ़ा है।
मार्च 2020 व इस साल जुलाई के बीच एक्सचेंजों पर मिडकैप आईटी शेयर अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल थे और अपने लार्जकैप के मुकाबले दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की थी। मिडकैप आईटी शेयरों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण इस अवधि में 281 फीसदी बढ़ा था जबकि लार्जकैप आईटी शेयरों के एमकैप में 107 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। इस अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स में 78 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। यह विश्लेषण 16 आईटी शेयरों के नमूने पर आधारित है, जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है। इनमें से पांच शेयर निफ्टी में शामिल हैं और लार्जकैप शेयरों की श्रेणी मेंं हैं जबकि बाकी मिडकैप क्षेत्र की हैं।
बिजनेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल पांच लार्जकैप आईटी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण अब 28 लाख करोड़ रुपये है जबकि मिडकैप आईटी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 3.6 लाख करोड़ रुपये है। विश्लेषकों का अनुमान है कि मिडकैप का कमजोर प्रदर्शन कुछ और समय जारी रहेगा। नारनोलिया सिक्योरिटीज के सीआईओ शैलेंद्र कुमार ने कहा, रिकॉर्ड उच्च मूल्यांकन और वेतन बढ़ोतरी के कारण कई कंपनियां जिस तरह से मार्जिन पर दबाव का सामना कर रही हैं उसे देखते हुए एक श्रेणी के तौर पर मिडकैप आईटी शेयर अपने लार्जकैप शेयरों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं।
पिछले डेढ़ साल में मिडकैप आईटी शेयरों का पीई गुणक मार्च 2020 के 13.9 गुने के मुकाबले 35.4 गुने पर पहुंच गया है। इस अवधि में लार्जकैप आईटी शेयरों का पीई गुणक मार्च 2020 के 16.8 गुने के मुकाबले 33.7 गुने पर पहुंच गया। इसके परिणामस्वरूप तीन साल में पहली बार मिडकैप आईटी शेयर अपने लार्जकैप शेयरों के मुकाबबले प्रीमियम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। ऐतिहासिक तौर पर मिडकैप आईटी शेयर सामान्यत: अपने लार्जकैप शेयरों के मुकाबले छूट पर कारोबार करते रहे हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, प्रीमियम मूल्यांकन टिकाऊ नहीं है और इसमें बदलाव आएगा। कुमार ने कहा, मिडकैप आईटी शेयरों के लिए प्रीमिय मूल्यांकन चुनौतीपूर्ण हो गया है। हम यहां कुछ गिरावट की संभावना देख रहे हैं, जबकि लार्जकैप शेयर बेहतर प्रदर्शन जारी रख सकते हैं।
विश्लेषकों ने हालांकि यह भी कहा कि कुछ मिडकैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है, जिसकी वजह उसका मजबूत ऑर्डर बुक और अगले दो साल में आय में दो अंकों की संभावित बढ़ोतरी है। इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी सर्विसेज के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, अभी भी कुछ ऐसे मिडकैप आईटी शेयर हैं जो तेजी से बढऩे की अपनी क्षमता के कारण अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे में मैं निवेशकोंं को अच्छे मिडकैप आईटी शेयरों में निवेशित रहने की सलाह दूंगा।