Stock Market Closing Bell, Friday 13 March: एशियाई बाजारों में गिरावट के समान भारतीय शेयर बाजारों में भी हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (13 मार्च) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध लंबा चलने की आशंकाओं से बाजार में चारो तरफ निराशा फैल गई। निफ्टी-50 और सेंसेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। पहले से ही दबाव झेल रहे बाजार में मेटल स्टॉक्स में बड़ी बिकवाली ने गिरावट को बढ़ा दिया। हैवी वेट शेयरों में गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 75,444 अंक पर खुला। जबकि गुरुवार को यह 76,034 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 74,454 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 1470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,563.92 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) 150 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 23,462 पर खुला। शुरूआती कारोबार में गिरावट सिमित रही लेकिन दोपहर होते ही बिकवाली की गति तेज हो गई। अंत में यह 488.05 अंक या 2.06 फीसदी की गिरावट लेकर 23,151 पर बंद हुआ।
| Index | Open | Day’s Low | Close |
|---|---|---|---|
| Sensex | 75,444 | 74,454 | 74,563 |
| Nifty 50 | 23,462 | 23,112 | 23,151 |
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”बाजार में आई गहरी गिरावट कई कारणों के एक साथ असर से हुई। बढ़ते भूराजनीतिक तनाव ने आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा दी, वहीं मार्जिन से जुड़ी तकनीकी मजबूरियों के कारण कई निवेशकों को अपनी छोटी अवधि की पोजीशन बंद करनी पड़ी। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने, कंपनियों के मुनाफे पर दबाव और रुपये की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है।”
उन्होंने कहा, ”मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई /सप्लाई में दिक्कत और कच्चे माल की बढ़ती लागत से इन कंपनियों के कारोबार और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। बढ़ती अनिश्चितता के कारण ट्रेडर्स का भरोसा भी कमजोर पड़ा और कई लोग सप्ताहांत से पहले अपनी पोजीशन रखने से बचते नजर आए। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों की ओर से मजबूत खरीदारी नहीं आई। वहीं विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और तेज कर दिया।”
फिर लटक सकती है यूएस-इंडिया डील
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने को कुछ महीनों के लिए टालने का फैसला किया है। इसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के व्यापारिक साझेदार देशों के साथ कथित तौर पर ज्यादा औद्योगिक क्षमता को लेकर नई जांच शुरू करना है। इससे पिछले महीने बनी शुरुआती सहमति के बाद फिर से तनाव बढ़ गया है।
ईरान-यूएस संकट लंबा चलने की आशंका
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चलने वाले संभावित संघर्ष की चिंता के कारण नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट का सिलसिला जारी है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में कहा कि दुश्मन ताकतों पर अतिरिक्त दबाव बनाने के लिए होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद ही रखा जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने इसे दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए एक ‘रणनीतिक साधन’ के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही।
FIIs की तेज बिकवाली
पहले से ही बिकवाल बने हुए विदेशी निवेशकों ने ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच अपनी बिकवाली तेजी कर दी है। इसके चलते इंडेक्स में भारी वजन रखने वाले शेयर गिर रहे हैं और इसका बाजार की चाल पर बड़ा असर पड़ रहा है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एलएंडटी का शेयर सबसे ज्यादा 7.5 प्रतिशत टूट गया। टाटा स्टील, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति, अल्ट्रा सीमेंट, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, इटरनल और इंडिगो प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल हरे निशान में रहे।
| Top Gainers | Top Losers |
|---|---|
| HUL | Larsen & Toubro (L&T) |
| Bharti Airtel | Tata Steel |
| – | SBI |
| – | BEL |
| – | Maruti |
बेंचमार्क सूचकांकों की तरह व्यापक बाजारों में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 2.62 प्रतिशत और 2.52 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल सूचकांक करीब 5 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया सूचकांकों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
एशियाई क्षेत्र के ज्यादातर शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। मीडिल ईस्ट में लंबे समय तक तनाव बने रहने की आशंका से कमजोर आर्थिक स्थिति का डर बढ़ गया है। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 1.13 प्रतिशत और 1.23 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 0.25 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
उधर, अमेरिका में रातभर के कारोबार में शेयर बाजार के इंडेक्स गिरकर बंद हुए। निवेशकों में जोखिम से बचने का माहौल दिखा। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 1.52 प्रतिशत और 1.56 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।