PSU Stock: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (10 मार्च) को आखिरकार मजबूती के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान में युद्ध पूरा होने के संकेतो से बाजार को राहत मिली। इसके बाद एविएशन और फाइनेंश्यल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी दिखी जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि, शुरुआत में तेजी के बाद निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
बाजार में जारी कमजोर रुख के बीच ब्रोकरेज हॉउस एक्सिस डायरेक्ट पीएसयू कंपनी कोल इंडिया (Coal India) पर अपनी रेटिंग को डबल अपग्रेड कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि आगे चलकर मांग में अनुकूल रुझान दिख रहे हैं जिससे कंपनी को फायदा मिल सकता है।
एक्सिस डायरेक्ट ने कोल इंडिया पर अपनी रेटिंग को ‘Hold’ से डबल अपग्रेड कर सीधा ‘BUY’ कर दिया है। साथ ही ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। जबकि पहले यह 415 रुपये था। इस तरह, शेयर 14 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। कोल इंडिया के शेयर सोमवार को 438 रुपये पर बंद हुए।
कोल इंडिया के शेयर प्रदर्शन पर नजर डाले तो एक महीने में इसका प्रदर्शन लगभग सपाट रहा है। तीन महीने में शेयर ने 14 प्रतिशत रिटर्न दिया है। छह महीने में शेयर 11 प्रतिशत और एक साल में 16 फीसदी चढ़ा है। वहीं, दो साल में स्टॉक में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि तीन में यह 94 प्रतिशत और पांच साल में 188.80 फीसदी चढ़ा है। स्टॉक का 52 वीक्स का हाई 461 रुपये और 52 वीक्स लो 350.15 रुपये है।
ब्रोकरेज का कहना है कि बिजली की मांग में सुधार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की ऊंची कीमतें और इंडोनेशिया से कोयले की सप्लाई कम होने से कंपनी की कमाई बढ़ने की संभावना है। एक्सिस का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2026) में अभी तक देश में बिजली की मांग कमजोर रही है। लंबा मानसून और सामान्य से कम तापमान रहने की वजह से बिजली की मांग में सालाना आधार पर केवल 0.8 प्रतिशत की हल्की बढ़त हुई है। हालांकि, जैसे-जैसे गर्मी का मौसम आएगा, बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है।
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ब्रोकरेज के अनुसार, इतिहास बताता है कि एल नीनो मौसम की स्थिति में भारत में तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है। इससे ठंडक के लिए बिजली की जरूरत बढ़ती है और बिजली की खपत तेज हो जाती है। इसका सीधा फायदा कोयले से बनने वाली बिजली और कोल इंडिया की बिक्री को मिलता है।
इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव के कारण प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ने से भी बिजली बनाने के लिए कोयले का इस्तेमाल ज्यादा हो सकता है। इससे कोयले की मांग को और सहारा मिल सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी संकट की वजह से हाल के समय में कोयले की कीमतों में भी तेजी देखी गई है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)