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अदाणी ग्रुप ने पिछले महीने अपनी अधिकांश हिस्सेदारी एक जॉइंट वेंचर पार्टनर को बेचकर अदाणी विल्मर से बाहर निकलने की घोषणा की थी।

Last Updated- January 10, 2025 | 12:41 PM IST
Adani-Wilmar Deal

Adani Wilmar Share: अदाणी विल्मर के शेयर में शुक्रवार को सुबह के कारोबार में करीब 10 प्रतिशत तक गिर गए। बीएसई (BSE) पर शेयर 9.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 292.05 रुपये पर, जबकि एनएसई (NSE) पर यह 9.69 प्रतिशत फिसलकर 292.10 रुपये पर आ गया। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 162.94 अंक या 0.21% गिरकर 77,783.15 पर कारोबार कर रहा था।

अदाणी विल्मर में गिरावट की वजह?

अदाणी ग्रुप (Adani Group) के खुले बाजार में रोजाना इस्तेमाल के सामान बनाने वाली (FMCG) कंपनी अदाणी विल्मर की 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचकर 7,148 करोड़ रुपये जटाने की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट आई है। यह कदम समूह की बुनियादी ढांचा कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए गैर-प्रमुख कारोबार से बाहर निकलने की रणनीति का हिस्सा है।

ग्रुप ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया था, वह 10 जनवरी को (गैर-रिटेल निवेशकों को) और 13 जनवरी को (रिटेल निवेशकों को) 275 रुपये प्रति शेयर की मिनिमम वैल्यू पर कंपनी में 17.54 करोड़ शेयर (13.50 प्रतिशत शेयर) बेचेगा। अदाणी ग्रुप ने पिछले महीने अपनी अधिकांश हिस्सेदारी एक जॉइंट वेंचर पार्टनर को बेचकर अदाणी विल्मर से बाहर निकलने की घोषणा की थी। विल्मर फॉर्च्यून ब्रांड का खाद्य तेल, गेहूं का आटा और अन्य खाद्य उत्पाद बनाती है।

अदाणी विल्मर से क्यों बाहर निकल रहा अदाणी ग्रुप ?

अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपने एनर्जी एवं यूटिलिटी, ट्रांसपोर्ट एवं लॉजि​स्टिक और अन्य प्राथमिक उद्योग के प्रमुख बुनियादी ढांचा प्लेटफार्मों में निवेश को रफ्तार देने के लिए अदाणी विल्मर से अपनी हिस्सेदारी बाहर निकालने का फैसले किया है।

अदाणी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने इस समझौते को ध्यान में रखते हुए अदाणी विल्मर के बोर्ड से अदाणी कमोडिटीज के नामित निदेशकों के इस्तीफे के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। दोनों पक्षों ने अदाणी विल्मर का नाम बदलने पर भी सहमति जताई है।

First Published - January 10, 2025 | 12:35 PM IST

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