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SEBI ने डेट सिक्योरिटीज के लिए नियम आसान करने का प्रस्ताव दिया, कंपनियों को मिल सकती है राहत

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इन बदलावों में पहले से जारी डेट सिक्योरिटीज की लिस्टिंग से जुड़े पुराने नियम को खत्म करना और इंटरनैशनल सिक्योरिटीज आइडेंटिफिकेशन नंबर्स से जुड़े नियमों में ढील देना शामिल है

Last Updated- August 10, 2026 | 10:06 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर

बाजार नियामक सेबी ने डेट जारी करने वालों की फंडिंग दिक्कतें कम करने और नकदी प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई बदलावों का प्रस्ताव किया है। इन बदलावों में पहले से जारी डेट सिक्योरिटीज की लिस्टिंग से जुड़े पुराने नियम को खत्म करना और इंटरनैशनल सिक्योरिटीज आइडेंटिफिकेशन नंबर्स (आईएसआईएन) से जुड़े नियमों में ढील देना शामिल है।

लिस्टिंग की अनिवार्यताओं को आसान बनाने के लिए सेबी ने सुझाव दिया है कि 1 जनवरी 2024 के बाद जारी सभी बकाया असूचीबद्ध गैर-परिवर्तनीय ऋण प्रतिभूतियों को पहली बार लिस्टिंग के समय अनिवार्य रूप से लिस्ट कराने की जरूरत को हटा दिया जाए। इसके बजाय, पहले जारी प्रतिभूतियों को लिस्ट कराना या न कराना इसे जारी करने वाली कंपनी की मर्जी पर छोड़ दिया जाएगा जबकि बाद में जारी होने वाली सभी प्रतिभूतियों को लिस्ट कराने की जरूरत बरकरार रहेगी।

सेबी का कहना है कि, किसी नए जारीकर्ता द्वारा पहले से सबस्क्राइब किए गए और बकाया ऋण प्रतिभूतियों को लिस्ट कराने में आने वाली भारी लागत और परिचालन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए इस अनिवार्यता को खत्म करने से ऋण प्रतिभूतियों की लिस्टिंग को बढ़ावा मिलेगा। इन प्रस्तावों पर सेबी ने 31 अगस्त तक सार्वजनिक टिप्पणी आमंत्रित की है।

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First Published - August 10, 2026 | 9:42 PM IST

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