facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल में गिरावट, ब्रेंट 108 डॉलर के करीब; अमेरिकी भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबावयोगी सरकार की पहल, स्वयं सहायता समूहों के 3,000 से ज्यादा उत्पाद अब ऑनलाइन बिकेंगेStock Market Today: बाजार में दिख सकती है सुस्त शुरुआत! GIFT Nifty फिसला, एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबारमथुरा में एथेनॉल प्लांट को योगी कैबिनेट की मंजूरी, खिलौना निर्माण के लिए भी नई नीतिStocks To Watch Today: बाजार खुलने से पहले जान लें इन शेयरों की खबरें, BHEL से सात्विक ग्रीन एनर्जी तक कई स्टॉक्स रहेंगे फोकस मेंभारतीय पुलिस ने किया 5 लाख से ज्यादा फर्जी जीमेल अकाउंट के नेटवर्क का पर्दाफाश, अब गूगल से करेगी पूछताछ‘देश को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’, जेन जी और जेन अल्फा से बोलीं सीतारमण, कहा: नेतृत्व संभालने को रहें तैयारRBI की डॉलर-रुपया स्वैप से मिली बड़ी राहत, अब टिकाऊ और बिना कर्ज वाली विदेशी पूंजी पर जोर जरूरीवैश्विक व्यापार नीतियों में बढ़े विरोधाभास, अमेरिका-चीन से भारत तक दोहरे मानदंडों ने बढ़ाई चिंताEditorial: UPI को टिकाऊ बनाने की नई कोशिश, ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर चार्ज लागू

डॉलर के मुकाबले रुपया 2 महीने के उच्च स्तर पर

Advertisement

रुपया गुरुवार को 81.97 के मजबूत स्तर पर खुला और डॉलर के मुकाबले दिन के उच्च स्तर 81.83 पर पहुंचा और उसके बाद 81.85 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 23 पैसे ज्यादा है।

Last Updated- April 13, 2023 | 11:19 PM IST
Dollar Vs Rupee
Shutter Stock

डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को पिछले 2 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका में खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर उम्मीद से कम रहने की वजह से उम्मीद जगी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व का दर बढ़ाने का चक्र अब नजदीक है और इससे डॉलर सूचकांक में गिरावट आई है, इसका असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है।

रुपया गुरुवार को 81.97 के मजबूत स्तर पर खुला और डॉलर के मुकाबले दिन के उच्च स्तर 81.83 पर पहुंचा और उसके बाद 81.85 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 23 पैसे ज्यादा है। डॉलर सूचकांक गिरकर 100.90 पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत थोड़ी कम होकर 87.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘अमेरिका के गैर कृषि रोजगार आंकड़े बेहतर रहने के बावजूद डॉलर असुरक्षित नजर आ रहा है क्योंकि मंदी की संभावना के कारण बाजार 2024 में दर में कटौती की उम्मीद कर रहा है।’ भारतीय रुपया इस समय मजबूत हो रहा है और 2023 में यह 1.08 प्रतिशत चढ़ा है।

सीआर फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी ने कहा, ‘ अमेरिकी सीपीआई रिपोर्ट नरम रहने के कारण डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) कमजोर हुआ है, जिसके कारण ईएम और डीएम मुद्राओं में करीब 0.50 प्रतिशत मजबूती के मुताबिक रुपया भी चला है। इक्विटी में एफआईआई प्रवाह तेज रहने का लाभ मिला है।’

लेकिन आगे रुपये में मजबूती सीमित हो सकती है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक अपना विदेशी मुद्रा भंडार बनाने की कवायद कर सकता है। 2023 के शुरुआती महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार करीब 16 अरब डॉलर बढ़कर 578.5 अरब डॉलर हो गया। पाबरी ने कहा, ‘व्यापार घाटा बढ़कर करीब 20 अरब डॉलर हो गया है।

Advertisement
First Published - April 13, 2023 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement