facebookmetapixel
Advertisement
Teja Engineering IPO Listing: 90% प्रीमियम पर हुई एंट्री, फिर लगा अपर सर्किट! इश्यू ने पहले ही दिन निवेशकों को किया मालामालटाटा ग्रुप के इस शेयर में मचा हड़कंप! Q1 अपडेट के बाद 11% तक टूटा Trent, निवेशकों को बड़ा झटकाOFS शुरू होते ही फिसला Cochin Shipyard का शेयर, 4% से ज्यादा की गिरावटचीनी कंपनियों को मिली एंट्री, क्या भारतीय Power Transmission कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन?ट्रंप ने फिर दी ईरान को चेतावनी, बोले समझौता करो, वरना ‘काम पूरा करेंगे’जुलाई से सितंबर तक 53 कंपनियों के करोड़ों शेयर होंगे अनलॉक, निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?सोना-चांदी में गिरावट, MCX और Comex दोनों पर फिसले दामManipal Health IPO: 8,000 करोड़ रुपये जुटाएगी मणिपाल हेल्थ, SEBI से मिली मंजूरी; चेक करें इश्यू से जुड़ी जरूरी बातेंQ1 से पहले ऑटो, FMCG, फार्मा और सीमेंट निवेशकों के लिए अलर्ट! नुवामा ने क्या कहा?TCS Q1 Results: आज आएंगे टीसीएस के नतीजे, डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान; जानिए क्या हैं ब्रोकरेज की उम्मीदें

MCX पर दिखा RBI के नए कैपिटल एक्सपोजर नियमों का असर, ट्रेडिंग वॉल्यूम में 40% की भारी गिरावट

Advertisement

MCX में ऑप्शन प्रीमियम का रोजाना का औसत टर्नओवर (एडीटीवी) जुलाई के पहले तीन कारोबारी सत्रों में करीब 40 फीसदी गिरकर 5,632 करोड़ रुपये रह गया

Last Updated- July 06, 2026 | 10:16 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

एक जुलाई से भारतीय रिजर्व बैंक के कैपिटल एक्सपोजर नियम लागू होने का असर बाजार पर दिख रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट आई है। विश्लेषकों ने यह जानकारी दी। आंकड़ों के अनुसार मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में ऑप्शन प्रीमियम का रोजाना का औसत टर्नओवर (एडीटीवी) जुलाई के पहले तीन कारोबारी सत्रों में करीब 40 फीसदी गिरकर 5,632 करोड़ रुपये रह गया। पिछले महीने यह 9,338 करोड़ रुपये रहा था।

बीएसई पर जुलाई के पहले दो कारोबारी सत्रों में वॉल्यूम पिछले हफ्ते के इन्हीं दिनों की तुलना में 7 से 10 फीसदी तक कम रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक था। विश्लेषकों ने बताया कि शुक्रवार को नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इंडेक्स ऑप्शन में कुल अनुबंधों में प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स का योगदान करीब 51.3 फीसदी था जबकि जून में यह 52 फीसदी रहा था।

एक बड़े ब्रोकरेज हाउस के विश्लेषक ने कहा, आरबीआई के बैंक गारंटी नियमों की वजह से एमसीएक्स के वॉल्यूम में आई गिरावट अनुमान से ज्यादा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि शुक्रवार को प्रीमियम वॉल्यूम लगभग 4,270 करोड़ रुपये था, जो अमेरिकी बाजार में ट्रेडिंग की छुट्टी होने के कारण कम रहा। 

उन्होंने कहा कि एमसीएक्स पर ज्यादा असर पड़ा है क्योंकि इक्विटी की तुलना में एमसीएक्ससीसीएल के पास बैंक गारंटी और फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में मार्जिन का हिस्सा बहुत ज्यादा यानी करीब 59 फीसदी है। एमसीएक्स के शेयर 3.23 फीसदी गिरकर 2,723.35 रुपये पर बंद हुए।

हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि अंतिम असर का अंदाजा लगाना और उसका आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। आईआईएफएल कैपिटल के उपाध्यक्ष देवेश अग्रवाल ने बताया, यह आरबीआई के नियमों का असर है, इसे तय करने के लिए हमें और आंकड़ों का इंतजार करना होगा। गिरावट की वजह कम उतार-चढ़ाव भी हो सकती है। एमसीएक्स पर गिरावट की एक वजह शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में छुट्टी होना भी है और एमसीएक्स पर सोने, चांदी, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस जैसी चार मुख्य कमोडिटी हैं जो अमेरिकी बाजार की भी मुख्य कमोडिटी हैं।

आरबीआई के नियमों में भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहण करने पर बैंकों से फाइनैंसिंग, शेयरों, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की यूनिटों के बदले कर्ज की सीमा को तर्कसंगत बनाने और पूंजी बाजार इंटरमीडियरीज (सीएमआई) को कर्ज देने के लिए सिद्धांतों पर आधारित फ्रेमवर्क वाले दिशानिर्देश शामिल हैं।

इन नियमों का मकसद ब्रोकरों की प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग के लिए बैंक फाइनैंस पर रोक लगाना है। प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग में शेयर ब्रोकर जैसे फाइनैंशियल इंस्टिट्यूशंस अपने खुद के फंड का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करते हैं और मुनाफा कमाते हैं। 

Advertisement
First Published - July 6, 2026 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement