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SEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्तावCrude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफाकोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारादुबई रियल एस्टेट में सुस्ती के बीच FY27 में डैन्यूब की नजर 4 अरब डॉलर की परियोजनाओं परARAI ने बदला फैसला, ऑटो पीएलआई स्कीम में अब पूरे साल लागू होगी एक ही विनिमय दरबढ़ती मांग के बीच उत्पादन बढ़ाएगी टाटा मोटर्स, Sierra EV लॉन्च के बाद सप्लाई पर फोकसHUL AGM: पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़ी कच्चे माल की लागत, पहली तिमाही में कारोबार पर पड़ा असरशांति समझौते से कम हुआ जोखिम, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों व AI शेयरों के हाई वैल्यूएशन पर रहेगी नजर: RBIAdani Vizhinjam Port Deal: MSC की सहयोगी कंपनी खरीदेगी 49% हिस्सेदारी, करेगी 1.4 अरब डॉलर का निवेशघरेलू ऋण बाजार में बहार, शेयरों से मुंह मोड़ भारतीय सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों ने लगाए ₹55,518 करोड़
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SEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्ताव

खुशबू तिवारी -June 30, 2026 11:11 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वैकल्पिक निवेश फंडों (एआईएफ) के नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया है। इनमें प्रमुख निर्णयों के लिए निवेशकों की सहमति की सीमा में संशोधन और नियामकीय ढांचे में ‘एसोसिएट’ की जगह ‘रिलेटेड पार्टी’ शब्द अपनाने के प्रस्ताव शामिल है। सेबी ने एआईएफ गतिविधियों के लिए निवेशकों की […]

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Crude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफा

पुनीत वाधवा -June 30, 2026 11:06 PM IST

बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर पश्चिम एशिया में शांति बनी रहती है, तो 2026 की दूसरी छमाही में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 72 डॉलर प्रति बैरल और 2027 में 65 डॉलर प्रति बैरल रहेंगी। उसने 2026 के लिए भारत के जीडीपी वृद्धि अनुमान को अप्रैल में बताए गए 6.2 प्रतिशत […]

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कोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारा

बीएसई के संवेदी सूचकांक- सेंसेक्स पर कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में बिकवाली हावी रही। इस दौरान अंदरूनी और बाहरी कारणों की चपेट में आकर सेंसेक्स 10.3 प्रतिशत कमजोर हो गया। वर्ष 2020 के बाद पहली छमाही में सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी गिरावट है। तब कोविड-19 ने बाजारों को हिला दिया था। नैशनल […]

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घरेलू ऋण बाजार में बहार, शेयरों से मुंह मोड़ भारतीय सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों ने लगाए ₹55,518 करोड़

जून में घरेलू ऋण बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश शेयरों से की गई निकासी से ज्यादा रहा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और केंद्र सरकार ने कई उपाय किए जिससे सरकारी प्रतिभूतियों की अच्छी मांग देखी गई। नैशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) […]

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