IT Stocks Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को सबसे बड़ी मार IT सेक्टर पर पड़ी। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6 फीसदी टूट गया, जिससे यह दिन का सबसे कमजोर सेक्टर बन गया। इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा, एमफैसिस और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसे दिग्गज शेयरों में 5 से 8 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में यह बिकवाली ऐसे समय आई है जब अमेरिकी IT दिग्गज एक्सेंचर ने अपने कारोबार को लेकर कुछ कमजोर संकेत दिए हैं। इसके बाद निवेशकों को चिंता सताने लगी है कि आने वाले समय में भारतीय IT कंपनियों की ग्रोथ भी दबाव में आ सकती है।
दोपहर के कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 1,700 अंकों से ज्यादा टूटकर 26,763 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर लाल निशान में थे। सबसे ज्यादा गिरावट इंफोसिस में देखने को मिली। कंपनी का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया। इसके बाद एमफैसिस में करीब 6.5 फीसदी, TCS में 6 फीसदी, टेक महिंद्रा में 5.5 फीसदी और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 5 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी रही।
बाजार की चिंता की सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर के ताजा नतीजे और उसकी गाइडेंस है। कंपनी ने पूरे साल के लिए ग्रोथ अनुमान घटा दिया है और नए ऑर्डर भी उम्मीद से कमजोर रहे हैं। हालांकि कंपनी ने मिडिल ईस्ट में तनाव और कुछ बड़े प्रोजेक्ट टलने को इसकी वजह बताया है, लेकिन निवेशकों को डर है कि इसका असर भारतीय IT कंपनियों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका और वैश्विक ग्राहकों से आता है।
यह पढ़ें: Accenture के कमजोर संकेत से TCS, Infosys और Wipro के निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
नुवामा के विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल इसे बड़े संकट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। एक्सेंचर की कमजोर बुकिंग्स भारतीय IT कंपनियों के लिए हल्का नकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं है। AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में मांग अभी भी बनी हुई है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि जनरेटिव AI आने वाले वर्षों में भारतीय IT कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
सिर्फ IT सेक्टर ही नहीं, पूरे बाजार में दबाव देखने को मिला। निफ्टी 50 करीब 214 अंक टूटकर 23,954 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इंडेक्स में सिर्फ 10 शेयर बढ़त में थे, जबकि 39 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे।