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Tata AMC का डायनेमिक इक्विटी फंड, $500 से निवेश शुरू; इस स्कीम में कौन लगा सकता है पैसा?

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यह नया प्रोडक्ट एक रिटेल-ओरिएंटेड इनबाउंड फीडर फंड के तौर पर पेश किया गया है, जो म्युचुअल फंड इक्विटी स्कीम्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में निवेश करेगा।

Last Updated- September 18, 2025 | 4:27 PM IST
LTCG

Tata India Dynamic Equity Fund — GIFT IFSC: टाटा एएमसी को इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से टाटा इंडिया डायनेमिक इक्विटी फंड – गिफ्ट आईएफएससी लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है। इस फंड में मिनिमम 500 डॉलर से निवेश शुरू किया जा सकता है। यह फंड ग्लोबल निवेशकों को भारत की तेजी से बढ़ती इक्विटी मार्केट तक आसान पहुंच प्रदान करता है। साथ ही, यह फंड दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की संभावित ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनने का अवसर देता है।

म्युचुअल फंड और ETF में करेगा निवेश

यह नया प्रोडक्ट एक रिटेल-ओरिएंटेड इनबाउंड फीडर फंड के तौर पर पेश किया गया है, जो म्युचुअल फंड इक्विटी स्कीम्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में निवेश करेगा। अलग-अलग कैटेगरी में एक्सपोजर देकर यह फंड भारत की ग्रोथ स्टोरी को अंतरराष्ट्रीय और एनआरआई निवेशकों के बड़े वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।

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ग्रोथ साइकिल की नई शुरुआत पर भारत

टाटा एएमसी के सीईओ और एमडी प्रथित भोबे ने फंड लॉन्च के समय पर जोर देते हुए कहा कि भारत आर्थिक सुधार से प्रेरित कई दशक तक कायम रहने वाले ग्रोथ साइकिल की दहलीज पर खड़ा है। इसे जनसांख्यिकी (Demographics), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर पुश जैसे कारक मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “गिफ्ट सिटी का लक्ष्य है कि वह ग्लोबल निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय गेटवे बने, ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें।”

भोबे ने आगे कहा, “IFSC में हमारी एंट्री के साथ, टाटा एएमसी अंतरराष्ट्रीय और एनआरआई निवेशकों (NRI investors) को भारत के कैपिटल मार्केट से जोड़ने की बेहतर स्थिति में है। यह कनेक्शन इनोवेटिव और आसानी से उपलब्ध प्रोडक्ट्स के जरिए होगा।”

क्या है इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी?

फंड हाउस के मुताबिक, यह फंड एक एक्टिव एलोकेशन स्ट्रैटेजी अपनाता है, जो मार्केट ट्रेंड्स के हिसाब से काम करती है। इसमें लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप एक्सपोजर को मिलाकर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, टेक्नोलॉजी, एनर्जी और हेल्थकेयर जैसे उभरते सेक्टर्स में टैक्टिकल एक्सपोजर निवेशकों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराता है।

इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए टाटा एएमसी के इंटरनेशनल बिजनेस हेड अभिनव शर्मा ने कहा, “यह फंड मौजूदा बाजार स्थितियों के आधार पर डायनेमिक तरीके से एसेट्स एलोकेट करेगा। मौजूदा स्थिति में, यह फंड 50-100% AUM को ब्रॉड-बेस्ड फंड्स में और 0-50% को सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में लगाएगा। इस तरह निवेशकों को भारत की संभावित ग्रोथ तक डाइवर्सिफाइड एक्सेस मिलेगा और साथ ही फ्लेक्सिबिलिटी भी बनी रहेगी।”

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टैक्स छूट का मिलेगा फायदा

एनआरआई निवेशकों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत में होने वाला कमाई पर उन्हें पूरी तरह टैक्स छूट मिलेगी। निवेशकों पर टैक्स केवल उस देश के कानून के हिसाब से लगेगा, जहां वे रह रहे हैं। फंड हाउस का मानना है कि इस कारण से यह फंड भारतीय शेयर बाजार में प्रवेश के लिए एक बेहतर गेटवे बन सकता है।

टाटा इंडिया डायनेमिक इक्विटी फंड में विदेशी निवेशकों – व्यक्ति और संस्था, दोनों के साथ-साथ फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FAT) मानकों का अनुपालन करने वाले क्षेत्राधिकारों के प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारत के प्रवासी नागरिकों के लिए निवेश का अवसर है।


डिस्‍क्‍लेमर: यहां फंड्स के परफॉर्मेंस की डीटेल दी गई है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह निवेश की सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - September 18, 2025 | 4:01 PM IST

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