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मार्च में पैसिव फंड्स में रिकॉर्ड ₹30,235 करोड़ का निवेश, ETF और इंडेक्स फंड्स बने निवेशकों की पहली पसंद

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इक्विटी पैसिव पेशकश में निवेश में आई तेज बढ़ोतरी पिछले महीने शेयर बाजार में आई खासी गिरावट के दौरान निवेशकों द्वारा किए गए ज्यादा निवेश का परिणाम है

Last Updated- April 16, 2026 | 10:07 PM IST
Passive Mutual Fund

मार्च में इक्विटी म्युचुअल फंडों में निवेश में आई तेजी पैसिव सेगमेंट तक भी पहुंच गई है। इस कारण पिछले महीने इक्विटी एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) और इंडेक्स फंडों में कुल निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

मार्च में इक्विटी पैसिव फंडों में 30,235 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह अप्रैल 2023 में एसोसिएशन ऑफ़ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़े जारी करना शुरू करने के बाद से अब तक का सबसे अधिक निवेश है। इसमें से अकेले घरेलू इक्विटी ईटीएफ का हिस्सा 23,820 करोड़ रुपये रहा, जो फरवरी के 4,141 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब छह गुना ज्यादा है और अक्टूबर 2024 में देखे गए पिछले सर्वोच्च स्तर 13,803 करोड़ रुपये से भी काफी ज्यादा है। इंडेक्स फंडों में भी निवेश मासिक आधार पर दोगुना होकर 6,415 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, इक्विटी पैसिव पेशकश में निवेश में आई तेज बढ़ोतरी पिछले महीने बाजार में आई गिरावट के दौरान निवेशकों द्वारा किए गए ज्यादा निवेश का परिणाम है।

ऐंजल वन एएमसी के कार्यकारी निदेशक और सीईओ हेमेन भाटिया ने कहा, मार्च में घरेलू इक्विटी ईटीएफ में निवेशकों की सहभागिता में तेजी देखने को मिली, जिसकी मुख्य वजह बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता थी। इसने निवेशकों को खरीदारी के आकर्षक मौके प्रदान किए।

च्वाइस वेल्थ के सीईओ निकुंज सराफ ने भी निवेश में बढ़ोतरी की वजह निवेशकों द्वारा बाजार में आई गिरावट पर खरीदारी करना बताया। उन्होंने कहा, मार्च में इक्विटी ईटीएफ में निवेश बढ़कर लगभग 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जो निवेशकों की सोच के परिपक्व होने का वास्तविक संकेत है। कई निवेशकों ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बाजार की गिरावट को लंबे समय के लिए खरीदारी का बेहतरीन मौका माना।

मार्च में देसी शेयर बाजार में तेज गिरावट आई थी। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच चल रही लड़ाई थी। मार्च में बेंचमार्क निफ्टी 50 करीब 11 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। ऐक्टिव इक्विटी फंड निवेश में भी तेजी देखने को मिली। पिछले महीने ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया और यह 40,450 करोड़ रुपये रहा। वहीं सकल निवेश बढ़कर लगभग 84,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि पैसिव फंडों में आने वाली रकम में तेजी की वजह संस्थागत निवेश भी हो सकता है क्योंकि इक्विटी ईटीएफ में आमतौर पर संस्थागत निवेशकों का ही दबदबा होता है। इसके विपरीत ऐक्टिव फंडों में छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी ज्यादा होती है। मार्च में ईटीएफ में आने वाला पैसा अक्सर ज्यादा रहता है, जिसकी वजह शायद संस्थाओं द्वारा साल के आखिर में किया जाने वाला निवेश होता है। मार्च 2024 और मार्च 2025 में इक्विटी ईटीएफ में क्रमशः 10,314 करोड़ रुपये और 11,808 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो उन सालों में सबसे ज्यादा था।

इक्विटी ईटीएफ के फोलियो या नए खाते खोलने के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले महीने व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी में तेजी आई है। घरेलू इक्विटी ईटीएफ में मार्च 2026 में लगभग 6,00,000 फोलियो जुड़े, जो वित्त वर्ष 2026 में सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी थी और फरवरी के लगभग 4,00,000 फोलियो से एक बड़ी छलांग थी। इक्विटी इंडेक्स फंड में इस महीने के दौरान लगभग 2,42,000 फोलियो की शुद्ध बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें क्रमिक रूप से भी सुधार हुआ। हालांकि फोलियो में हुई यह बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2025 में देखे गए उच्चतम स्तरों से अभी भी कम है।

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First Published - April 16, 2026 | 10:00 PM IST

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