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फरवरी में Gold ETF का क्रेज क्यों पड़ा ठंडा? निवेश 78% घटा, Silver ETF से भी निकले ₹826 करोड़

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गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में बीते महीने कुल 5,254 करोड़ रुपये का ही निवेश आया, जो जनवरी के 24,039 करोड़ रुपये की तुलना में 78 फीसदी कम है

Last Updated- March 10, 2026 | 4:21 PM IST
Gold ETF

Gold ETF: फरवरी 2026 में सोना और चांदी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेशकों की दिलचस्पी कुछ कम होती दिखाई दी। गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में बीते महीने कुल 5,254 करोड़ रुपये का ही निवेश आया, जो जनवरी के 24,039 करोड़ रुपये की तुलना में 78 फीसदी कम है। वहीं, सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) से 826 करोड़ रुपये की निकासी (आउटफ्लो) दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा इक्विटी पर बना हुआ है। डिफेंसिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर फोकस घट रहा है। कई निवेशक गिरावट को खरीदारी के मौके (Buy on Dips) के रूप में देख रहे हैं और इसका फायदा उठा रहे हैं। इसी वजह से कुछ निवेश फिर से इक्विटी बाजारों की ओर लौट रहा है। इसलिए फरवरी में गोल्ड ETF में आने वाला निवेश घट गया।

इक्विटी बाजारों की ओर लौट रहा पैसा

भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की उठा-पटक के बीच निवेशकों का भरोसा इक्विटी बाजारों पर बना हुआ है। इस कारण कुछ पैसा फिर से इक्विटी की तरफ लौट रहा है। अबेकस म्युचुअल फंड के सीईओ वैभव चुघ ने कहा, “हाइब्रिड फंड और गोल्ड ईटीएफ में होने वाला निवेश यह दिखाता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को एक साथ हेज करना चाहते हैं, जो आमतौर पर वैश्विक अस्थिरता से बचाव का तरीका होता है। हालांकि जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में भारी निवेश के बाद अब ऐसा लगता है कि इक्विटी कीमतों में आई गिरावट के कारण कुछ पैसा फिर से इक्विटी बाजारों की ओर लौट रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि इक्विटी बाजारों और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजारों में उतार-चढ़ाव जरूर रहा है, लेकिन निवेशक अब वैल्यूएशन में होने वाले सुधार (करेक्शन) के प्रति ज्यादा जागरूक हो गए हैं, इसलिए SMID (स्मॉल और मिड कैप) में निवेश का फ्लो जारी है।

Also Read: फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 8% बढ़ा, SIP इनफ्लो घटकर ₹29,845 करोड़ पर आया

डिफेंसिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी से फोकस हटा

इन्क्रेड मनी के सीईओ- एमएफ नितिन अग्रवाल ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में जनवरी 2026 में रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था, लेकिन फरवरी में यह रफ्तार कुछ कम हुई है। इससे लगता है कि निवेशकों की डिफेंसिव निवेश रणनीति धीरे-धीरे कम हो रही है और लंबी अवधि में वेल्थ बनाने के लिए इक्विटी फिर से पसंदीदा विकल्प बनती दिख रही है।

मिरे असेट में डिस्ट्रीब्यूशन और स्ट्रैटेजिक अलायंसेस की हेड सुरंजना बोरठाकुर ने कहा, “गोल्ड ETF और अन्य ETF में निवेश पिछले महीने की तुलना में काफी कम रहा और यह क्रमशः करीब 5,200 करोड़ रुपये और 4,500 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कुल मिलाकर देखा जाए तो ये आंकड़े अभी भी अच्छे हैं। यह स्थिति बढ़ते जोखिम के माहौल के बीच आई है, जब निवेशक अब भी कीमती धातुओं में जारी तेजी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।”

अन्य पैसिव स्कीम्स में फरवरी में निवेश कम हो गया। इन स्कीम्स में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ, फंड ऑफ फंड्स (FoFs) और इंडेक्स फंड शामिल हैं। इन योजनाओं में मासिक निवेश 65 फीसदी घटकर 13,879 करोड़ रुपये रह गया। जनवरी में यह निवेश 39,954 करोड़ रुपये था।

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First Published - March 10, 2026 | 4:05 PM IST

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