Equity Fund Return: शेयर बाजार में जारी उठा-पटक थमने का नाम नहीं ले रही है। ग्लोबल मार्केट्स में कमजोरी के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी सोमवार (7 अप्रैल) ‘ब्लैक मंडे’ (Black Monday) साबित हुआ। सेंसेक्स 4,000 अंक के करीब गिरकर 71,449.94 पर खुला। वहीं, निफ्टी-50 भी 1,000 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 21,758.40 पर खुला। शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर म्युचुअल फंड निवेश पर भी देखा जा रहा है। पिछले पांच वर्षों तक डबल डिजिट में मजबूत रिटर्न देने के बाद बीते छह महीने इक्विटी म्युचुअल फंडों (Equity Mutual Funds) के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुए हैं। FY25 की दूसरी छमाही से बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और प्रमुख इंडेक्स में आई तेज गिरावट के कारण इस अवधि में कई इक्विटी-आधारित योजनाओं ने नुकसान दर्ज किया है। कमजोर बाजार के बावजूद टॉप-10 इक्विटी म्युचुअल फंड स्कीम्स ने निवेशकों को 14-28% तक का शानदार रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में तेजी और गिरावट का दौर आता जाता रहता है। इक्विटी बाजार में मौजूदा गिरावट और उसकी वजह से इक्विटी योजनाओं में गिरावट कम कीमत पर निवेश करने के लिहाज से लॉन्ग टर्म म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए अच्छा अवसर भी है।
कमजोर बाजार के बावजूद FY25 में इक्विटी म्युचुअल फंड्स के टॉप-10 स्कीम्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इनमें HDFC Pharma And Healthcare Fund ने सबसे ज्यादा 31.16% का दमदार रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने एक साल पहले इस इस स्कीम में 1 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया है तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर 1.31 लाख रुपये से ज्यादा है। टॉप 10 इक्विटी म्युचुअल फंड्स का रिटर्न कुछ इस प्रकार रहा है…
| S.NO | Equity Mutual Fund Scheme | 1 Year Return in % |
| 1 | SBI Long Term Advantage Fund Series V | 27.50 |
| 2 | HDFC Pharma And Healthcare Fund | 26.07 |
| 3 | WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Fund | 25.01 |
| 4 | Motilal Oswal Large Cap Fund | 21.30 |
| 5 | DSP Banking & Financial Services Fund | 19.10 |
| 6 | UTI Healthcare Fund | 17.19 |
| 7 | LIC MF Healthcare Fund | 16.31 |
| 8 | SBI Healthcare Opportunities Fund | 16.29 |
| 9 | ICICI Prudential Pharma Healthcare and Diagnostics (P.H.D) Fund | 15.90 |
| 10 | SBI Banking & Financial Services Fund | 14.85 |
स्त्रोत: वैल्यू रिसर्च (4 अप्रैल 2025 की NAV के आधार पर)
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शेयर बाजार के लिए FY25 मिला-जुला रहा। FY25 की पहली छमाही में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) नई ऊंचाई पर पहुंचे। वहीं, दूसरी छमाही में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया जो अभी भी जारी है। शेयर बाजार में करेक्शन का असर म्युचुअल फंड निवेश पर भी साफ-साफ देखा गया। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड में इनफ्लो 26% घटकर ₹29,303.34 करोड़ रह गया। SIP के जरिए म्युचुअल फंड में कुल ₹25,999 करोड़ का इनफ्लो आया जो जनवरी 2025 के ₹26,400 करोड़ के मुकाबले थोड़ा कम है। फरवरी के आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में लगातार 48वें महीने भी नेट इनफ्लो पॉजिटिव बना रहा। जो म्युचुअल फंड पर निवेशकों का विश्वास का प्रतीक है।
इक्विटी फंड्स म्युचुअल फंड की ऐसी स्कीम होती हैं जो मुख्य रूप से कंपनियों के शेयरों या स्टॉक्स में निवेश करती हैं। इन्हें अक्सर ग्रोथ फंड्स के नाम से भी जाना जाता है। ये फंड्स दो प्रकार के हो सकते हैं – एक्टिव (Active) और पैसिव (Passive)।
एक्टिव इक्विटी फंड्स में फंड मैनेजर बाजार का गहराई से विश्लेषण करते हैं। कंपनियों पर रिसर्च करते हैं और सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टॉक्स को चुनकर निवेश करते हैं। दूसरी ओर, पैसिव फंड्स में ऐसा पोर्टफोलियो तैयार किया जाता है जो किसी प्रमुख मार्केट इंडेक्स, जैसे सेंसेक्स या निफ्टी50 को ट्रैक करता है।
इक्विटी फंड्स को मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है—जैसे लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स। इसके अलावा, इन्हें निवेश के दायरे के अनुसार भी बांटा जा सकता है। डायवर्सिफाइड फंड्स विभिन्न सेक्टरों में निवेश करते हैं, जबकि सेक्टोरल या थीम आधारित फंड्स किसी एक विशेष सेक्टर (जैसे आईटी, फार्मा या इंफ्रास्ट्रक्चर) या थीम पर केंद्रित होते हैं।
कुल जमा बात यह है कि इक्विटी फंड्स कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश करते हैं और निवेशकों को पेशेवर प्रबंधन के साथ-साथ पोर्टफोलियो में विविधता (डायवर्सिफिकेशन) का लाभ प्रदान करते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां इक्विटी म्युचुअल फंड्स के परफॉर्मेंस की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)