इस साल गर्मी ने एयर कंडीशनर (एसी) कंपनियों की बिक्री को अच्छी रफ्तार दी। अप्रैल के आखिर से लेकर मई के अंत तक भीषण गर्मी की वजह से एसी की मांग काफी मजबूत रही। हालांकि जून में कई राज्यों में बारिश और तापमान कम होने से बिक्री की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। इसके बावजूद एसी की मांग अभी भी वॉशिंग मशीन और टीवी जैसे दूसरे घरेलू उपकरणों के मुकाबले बेहतर बनी हुई है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में एसी बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि गर्मी कितनी पड़ती है और मानसून कैसा रहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो की वजह से सामान्य से कम बारिश की आशंका है। अगर लंबे समय तक गर्मी बनी रहती है तो एसी की बिक्री को फिर से सहारा मिल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल महंगे और बिजली बचाने वाले एसी की मांग ज्यादा है। जिन लोगों के पास पहले से एसी है, वे पुराने एसी की जगह नया और बेहतर मॉडल खरीद रहे हैं। वहीं, पहली बार एसी खरीदने वाले ग्राहकों पर बढ़ती कीमतों का असर दिख रहा है। कई लोग खरीदारी टाल रहे हैं, जबकि कुछ लोग कम कीमत वाले मॉडल चुन रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉपर, एल्युमीनियम, प्लास्टिक, पुर्जों और ढुलाई की लागत बढ़ने से कंपनियों पर खर्च का दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कई कंपनियों ने एसी के दाम बढ़ा दिए हैं। डीलरों के मुताबिक एलजी, सैमसंग और डाइकिन ने अलग-अलग मॉडल के हिसाब से करीब 10 से 20 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई हैं। वहीं ब्लू स्टार, वोल्टास और गोदरेज ने 5 से 13 फीसदी तक दाम बढ़ाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, डीलरों के पास फिलहाल करीब 30 से 35 दिन का स्टॉक है, जिसे सामान्य माना जा रहा है। बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियां आसान फाइनेंस, ईएमआई और दूसरे ऑफर भी दे रही हैं, ताकि ग्राहक बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद खरीदारी कर सकें।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि एसी की मांग पूरे देश में एक जैसी नहीं है। पश्चिम और दक्षिण भारत के जिन इलाकों में गर्मी ज्यादा रही, वहां बिक्री बेहतर रही। वहीं उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में समय से पहले बारिश होने से मांग कुछ कमजोर पड़ गई। ऐसे में आगे कंपनियों का प्रदर्शन काफी हद तक मौसम, स्थानीय मांग और बिक्री बढ़ाने वाली योजनाओं पर निर्भर करेगा।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान ब्लू स्टार की आय में सालाना औसतन 16 फीसदी, वोल्टास की 15 फीसदी और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
| कंपनी | रेटिंग | मौजूदा भाव (रुपये) | टारगेट प्राइस (रुपये) | संभावित रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|---|
| पॉलीकैब | खरीदें | 9,690 | 11,950 | 23.3% |
| एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया | खरीदें | 1,566 | 1,750 | 11.7% |
| हैवेल्स | तटस्थ | 1,186 | 1,340 | 13.0% |
| केईआई इंडस्ट्रीज | खरीदें | 5,419 | 6,640 | 22.5% |
| वोल्टास | तटस्थ | 1,310 | 1,240 | -5.3% |
| ब्लू स्टार | खरीदें | 1,653 | 1,920 | 16.2% |
| आरआर काबेल | खरीदें | 2,435 | 2,600 | 6.8% |
| क्रॉम्पटन | खरीदें | 275 | 340 | 23.6% |
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में पॉलीकैब, केईआई इंडस्ट्रीज, ब्लू स्टार, आरआर काबेल और क्रॉम्पटन पर ‘खरीदें’ की राय दी है। वहीं हैवेल्स और वोल्टास पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने पॉलीकैब के लिए 11,950 रुपये, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के लिए 1,750 रुपये, केईआई के लिए 6,640 रुपये, ब्लू स्टार के लिए 1,920 रुपये, आरआर काबेल के लिए 2,400 रुपये और क्रॉम्पटन के लिए 340 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। वहीं हैवेल्स के लिए 1,340 रुपये और वोल्टास के लिए 1,240 रुपये का टारगेट प्राइस रखा गया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)