बाजार में ताजा तेजी से लगभग पूरे बाजार को लाभान्वित किया है, जो पिछले अवसरों से अलग रुझान है जब तेजी कुछ खास ब्लू-चिप शेयरों पर केंद्रित रहती थी। बीएसई-500 के 95 प्रतिशत से ज्यादा शेयरों ने 18 मई के बाद से अच्छी तेजी दर्ज की है। बाजार में बड़ी गिरावट के बाद 18 मई के बाद तेजी शुरू हुई थी। बीएसई-500 के शेयरों का भारत के बाजार पूंजीकरण में करीब 93 प्रतिशत का योगदान है। यदि आप सभी सूचीबद्घ शेयरों पर विचार करें तो पता चलता है कि बीएसई पर कारोबार कर रहे 2,500 में से 82 प्रतिशत शेयर पिछले तीन सप्ताह में तेजी दर्ज करने में सफल रहे है।
सेंसेक्स और निफ्टी सूचकांकों और बाजार केंद्रित बीएसई-500 ने 18 मई से 14 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है। बाजार में यह तेजी अर्थव्यवस्था को पुन: खोले जाने की उम्मीद के बीच वैश्विक फंडों द्वारा आक्रामक रूप से की गई खरीदारी की वजह से देखने को मिली है। कई वैश्विक बाजारों ने भी इस अवधि के दौरान अच्छी तेजी दर्ज की है।
येस सिक्योरिटीज में वरिष्ठ अध्यक्ष एवं संस्थागत शोध प्रमुख अमर अंबानी का कहना है, ‘वैश्विक रूप से मौद्रिक नीतियां विस्तारवादी बनी हुई हैं, जो जोखिम वाली परिसंपत्तियों के लिए अनुकूल है। अमेरिकी फेडरल परिसपंत्ति खरीदारी में सुधार ला रहा है और हालांकि उसने ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश से इनकार किया है, लेकिन अभी भी अमेरिकी दरें कम बनी हुई हैं। इसी तरह, ब्रिटिश सॉवरिन प्रतिफल से जल्द ब्याज दरों में कमजोरी आने का संकेत मिलता है। बैंक ऑफ जापान और ईसीबी बैलेंस शीट विस्तार पर भी ध्यान बनाए रखेंगे। इक्विटी में मौजूदा तेजी इसी का परिणाम है और साथ ही सरकारों द्वारा वित्तीय प्रोत्साहनों से भी मदद मिली है।’
बाजार कारोबारियों का कहना है कि बाजार में सकारात्मक धारणा से निवेशकों को लार्ज-कैप से अलग भी विचार करने की प्रेरणा मिली है। वर्ष के निचले स्तर के मूल्यांकन की वजह से लार्ज-कैप में रिस्क-रिवार्ड ज्यादा अनुकूल है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च प्रमुख दीपक जसानी का कहना है, ‘अर्थव्यवस्था में उत्साह के बगैर ये शेयर अपने आकर्षक मूल्यांकन और इस उ?मीद से भी चढ़े हैं कि कोरोनावायरस से जुड़ा प्रभाव जल्द दूर होगा और कंपनियां फिर से आय वृद्घि की राह पर दौड़ेंगी।’
बीएसई-500 के आधे से ज्यादा शेयरों ने पिछले तीन सप्ताह में प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। करीब 70 प्रतिशत शेयरों ने 30 प्रतिशत, जबकि एक दर्जन ने 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की है।
इसलिए, क्या यह उन निवेशकों के लिए अच्छा समय है जो बाजार में प्रवेश करने का मौका देख रहे हैं? विश्लेषकों का कहना है कि आपको सतर्क दृष्टिकोण अपनाना होगा।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पी चोपड़ा कहते हैं, ‘हालांकि यह बाजार में प्रवेश करने का अच्छा अवसर है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। हम पोर्टफोलियो स्तर पर कम से कम 25 प्रतिशत नकदी बनाए रखने, और बाजार में बगैर कर्ज के व्यवस्थित तरीके से निवेश करने का सुझाव दे रहे हैं।’
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जो लोग पूरी तरह निवेश कर चुके हैं, उन्हें कुछ रकम हाथ में रखने पर ध्यान देना चाहिए। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बाजार मार्च में दर्ज किए कए निचले स्तरों को फिर से नहीं छू सकता है।