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ट्रंप कोरोना से बीमार चिंता में पड़े बाजार

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 11:20 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप आज कोविड-19 से संक्रमित पाए गए, जिसके बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट आई। विश्लेषकों का मानना है कि यह इस खबर की त्वरित प्रतिक्रिया है। हालांकि वे इस घटनाक्रम की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में देरी की संभावना को खारिज कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि बाजारों की अमेरिकी राष्ट्रपति की स्वास्थ्य रिपोर्ट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के एक और प्रोत्साहन पैकेज पर कड़ी नजर रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आज कहा कि वह और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद अमेरिकी शेयर वायदा और एशियाई शेयरों में गिरावट आई। एसऐंडपी 500 और डाऊ इंडस्ट्रियल्स दोनों के वायदा अनुबंध 1.9 फीसदी लुढ़के। भारतीय समयानुसार देर शाम अमेरिकी बाजार खुले और खुलते ही सूचकांक लुढ़क गए। खबर छपते समय डाउ जोंस लगभग 218 अंक गिर गया था और नैसडैक 100 में 180 अंक से ज्यादा गिरावट थी।
डाल्टन कैपिटल में प्रबंध निदेशक यू आर भट्ट ने कहा, ‘यह खबर ट्रंप खेमे के लिए तगड़ा राजनीतिक झटका है। मुझे नहीं लगता कि इस घटनाक्रम की वजह से अमेरिका में चुनाव स्थगित होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति 14 दिन क्वारंटीन होंगे। फिर भी उन्हें अपने प्रचार के लिए एक पखवाड़ा मिलेगा। वह कोविड-19 को लेकर सहानुभूति हासिल कर सकते हैं। इस खबर से बाजारों का रुझान बिगड़ा है, जिससे उनमें उठापटक बनी रहेगी। हालांकि केवल इस एक घटना की वजह से बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं।’
इस बीच गुरुवार को जारी गैलप सर्वेक्षण के मुताबिक ट्रंप की मई के बाद सबसे अधिक स्वीकृति रेटिंग (46 फीसदी) रही। ये आंकड़े अमेरिकी राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन के बीच पहली बहस के दो सप्ताह से पहले के हैं। इनसे ट्रंप की स्वीकृति रेटिंग में बढ़ोतरी का पता चलता है, जो सितंबर में 42 फीसदी थी। इन्वेस्को में वैश्विक बाजार रणनीतिकार (जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत) डेविड चाओ ने कहा, ‘बाइडन को राष्ट्रीय चुनावों में ट्रंप पर बढ़त मिलने के बावजूूद बाजार भागीदारों को उनकी जीत तय नहीं माननी चाहिए। याद करें कि हिलेरी क्लिंटन वर्ष 2016 के चुनावों में 2016 के पूरे चुनावी वर्ष में ट्रंप से आगे रही थीं, लेकिन फिर भी अमेरिका के विशेष निर्वाचक मंडल मत प्रणाली में उनसे हार गईं।’ चाओ का अनुमान है कि आगे उभरते बाजार, एशियाई शेयर साल के अंत में मजबूत होंगे क्योंकि अमेरिकी चुनावों का असर खत्म हो जाएगा और निवेशक आर्थिक सुधार और 2021 में कोविड-19 टीके जैसे फंडामेंटल पर ध्यान केंद्रित करेेंगे। मौद्रिक नीति को लेकर विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे नरम रुख रखेगा ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

First Published : October 2, 2020 | 10:56 PM IST