मार्केट रेगुलेटर SEBI ने तीन बड़ी कंपनियों को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की हरी झंडी दे दी है। ये तीन कंपनियां हैं नियोलाइट ZKW लाइटिंग्स (Neolite ZKW Lightings), SS रिटेल (SS Retail) और एस्प्री स्पिरिट्स (Aspri Spirits), जो मिलकर बाजार से 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाने जा रही हैं। इन तीनों कंपनियों ने पिछले साल दिसंबर में SEBI के पास अपने शुरुआती दस्तावेज (DRHP) जमा कराए थे, जिस पर रेगुलेटर ने 6 मई से 14 मई के बीच अपनी अंतिम मंजूरी दे दी। ये सभी कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगी।
गाड़ियों की लाइट बनाने वाली कंपनी नियोलाइट ZKW लाइटिंग्स इस IPO के जरिए 600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कंपनी के प्लान के मुताबिक, इसमें 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स 200 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचेंगे। साल 1992 में शुरू हुई यह कंपनी टू-व्हीलर से लेकर कमर्शियल गाड़ियों तक के लिए लाइट बनाती है। इसका LG इलेक्ट्रॉनिक्स की सब्सिडियरी कंपनी ‘ZKW ग्रुप’ के साथ रणनीतिक गठजोड़ भी है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल तमिलनाडु के कांचीपुरम में नया प्लांट लगाने, मशीनें खरीदने, कर्ज चुकाने और बिजनेस को बढ़ाने में करेगी।
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वहीं मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचने वाली रिटेल चेन SS रिटेल बाजार से 500 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके तहत 300 करोड़ रुपये के नए शेयर बाजार में आएंगे और 200 करोड़ रुपये के शेयर प्रमोटर्स OFS के जरिए बेचेंगे। महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गोवा के छोटे-बड़े शहरों में काम करने वाली यह कंपनी IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल साल 2027 और 2028 में नए स्टोर खोलने तथा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
तीसरी और सबसे मशहूर कंपनी है एस्प्री स्पिरिट्स, जो शराब और पेय पदार्थों के डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी ने साल 2004 में अपना सफर शुरू किया था और सितंबर 2025 तक इसके पास 323 ब्रांड्स का एक बड़ा पोर्टफोलियो था, जो ब्रांड काउंट के मामले में देश में सबसे बड़ा है। कंपनी अपने IPO में 140 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी, साथ ही प्रमोटर्स और एवेराल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स व व्हाइटलाइन इम्पेक्स जैसे शेयरहोल्डर्स मिलकर 50 लाख शेयरों की बिक्री OFS के जरिए करेंगे। एस्प्री स्पिरिट्स इस रकम से अपना और अपनी सहयोगी कंपनियों का कर्ज चुकाएगी।