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भारत के सबसे बड़े IPO के पीछे कैसे तैयार हुआ मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’? जानें Jio IPO की पूरी कहानी

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Jio IPO: रिलायंस ने 'प्रोजेक्ट जुपिटर' के तहत कड़ी गोपनीयता, नियामकीय बदलाव और निवेशकों की सहमति के साथ Jio के मेगा IPO की रणनीति तैयार की।

Last Updated- June 30, 2026 | 11:32 AM IST
Jio IPO Mukesh Ambani Project Jupiter
RIL chairman Mukesh Ambani (File Photo)

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगस्त 2025 में कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) के दौरान घोषणा की थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, उस समय निवेशकों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस मेगा IPO की तैयारी कई महीनों से बेहद गोपनीय तरीके से चल रही थी।

रिलायंस ने इस पूरे अभियान को अंदरूनी तौर पर ‘प्रोजेक्ट जुपिटर’ नाम दिया था। कंपनी के लिए यह सिर्फ एक IPO नहीं, बल्कि भारत के अब तक के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू को सफल बनाने की रणनीति थी।

तीन बड़ी चुनौतियों पर एक साथ चल रहा था काम

सूत्रों के मुताबिक, प्रोजेक्ट जुपिटर के तहत रिलायंस तीन अहम मोर्चों पर काम कर रही थी। पहला, IPO से जुड़े नियमों में जरूरी बदलाव के लिए नियामकीय स्पष्टता का इंतजार। दूसरा, मौजूदा बड़े निवेशकों को अपने हिस्से की हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार करना। और तीसरा, इतनी बड़ी लिस्टिंग की पूरी तैयारी को पूरी तरह गोपनीय रखना।

इसी वजह से इस प्रोजेक्ट की जानकारी केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों और कुछ बड़े निवेश बैंकों तक ही सीमित रखी गई।

गोपनीयता बनाए रखने के लिए अपनाए गए खास तरीके

बताया जाता है कि IPO से जुड़े ड्राफ्ट दस्तावेज, निवेशकों के लिए तैयार प्रेजेंटेशन और अन्य महत्वपूर्ण कागजात अधिकतर हार्ड कॉपी में साझा किए जाते थे। ईमेल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बेहद सीमित रखा गया ताकि किसी तरह का डिजिटल रिकॉर्ड न बन सके। वहीं, बैठकों में भी केवल शीर्ष स्तर के अधिकारी ही शामिल होते थे।

करीब नौ महीने तक इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया। इसके बाद जब मुकेश अंबानी ने रिलायंस की AGM में दोबारा मंच संभाला, तो उन्होंने घोषणा की कि जियो अब शेयर बाजार में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। कुछ ही घंटों बाद कंपनी ने IPO का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया।

किन अधिकारियों ने संभाली प्रोजेक्ट जुपिटर की कमान?

अक्टूबर 2025 में रिलायंस ने आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट जुपिटर पर तेजी से काम शुरू किया। इस पूरी कवायद की अगुवाई कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) वी. श्रीकांत, के.आर. राजा और जियो के वरिष्ठ अधिकारी अंशुमान ठाकुर ने की।

शुरुआत में कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टैनली को इस IPO के लिए जोड़ा गया। बाद में दिसंबर तक अन्य निवेश बैंक भी इस सिंडिकेट में शामिल होते गए। दिलचस्प बात यह रही कि इन बैंकों ने औपचारिक नियुक्ति से पहले ही IPO की तैयारी शुरू कर दी थी ताकि अंतिम फैसला होते ही प्रक्रिया में देरी न हो।

Jio IPO: बड़े निवेशकों को मनाना भी आसान नहीं था

IPO की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक मौजूदा निवेशकों को हिस्सेदारी कम करने के लिए तैयार करना था। आखिरकार KKR, मेटा, अल्फाबेट समेत प्रमुख निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी का करीब 8% अनुपातिक आधार (Pro-rata Basis) पर घटाने पर सहमति दी।

इस व्यवस्था से कंपनी सार्वजनिक शेयरधारिता (Public Float) की शर्त पूरी कर सकी, जबकि सभी बड़े निवेशकों की आपसी हिस्सेदारी का अनुपात भी लगभग पहले जैसा बना रहा।

नियमों में बदलाव से खुला Jio IPO का रास्ता

इस दौरान नियामकीय स्तर पर भी बड़ा बदलाव हुआ। सितंबर 2025 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों के लिए न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (Minimum Dilution) की सीमा 5% से घटाकर 2.5% कर दी।

मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने इस संशोधित नियम को अधिसूचित किया, जिसके बाद जियो के IPO का रास्ता और साफ हो गया।

Jio IPO का पूरा ढांचा बदलना पड़ा

शुरुआत में रिलायंस की योजना ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करीब 2.8% हिस्सेदारी बेचने की थी। इस मॉडल में कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलनी थी और केवल मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचते।

लेकिन कमजोर शेयर बाजार, रुपये में गिरावट और वैल्यूएशन को लेकर कुछ निवेशकों की चिंताओं के कारण इस योजना में बदलाव करना पड़ा।

इसके बाद रिलायंस ने IPO को पूरी तरह प्राइमरी इश्यू में बदलने का फैसला किया। इस बदलाव का फायदा यह हुआ कि IPO से जुटने वाली लगभग 4 अरब डॉलर (करीब 34,000 करोड़ रुपये) की राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और यह पूंजी भारत में ही निवेश के लिए उपलब्ध रहेगी।

19 जून को दाखिल हुआ ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस

आखिरकार 19 जून 2026 को रिलायंस ने 19 निवेश बैंकों के साथ मिलकर जियो के IPO का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया। बताया जाता है कि इस तारीख का एक दिलचस्प संयोग भी है, क्योंकि मुकेश अंबानी का जन्मदिन भी 19 अप्रैल को पड़ता है। प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के बीच इस समानता की भी चर्चा रही।

Jio IPO Timeline: कब क्या हुआ?

  • अगस्त 2025: मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही में Jio IPO लाने की घोषणा की।
  • सितंबर 2025: SEBI ने बड़े IPO के लिए न्यूनतम हिस्सेदारी बिक्री का नियम आसान किया।
  • अक्टूबर 2025: कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टैनली को प्रोजेक्ट में शामिल किया गया।
  • दिसंबर 2025: चार और निवेश बैंक IPO सिंडिकेट से जुड़े।
  • फरवरी 2026: नए IPO नियमों की अधिसूचना का इंतजार होने से फाइलिंग टली।
  • 13 मार्च 2026: सरकार ने संशोधित नियमों को अधिसूचित किया।
  • 17 मार्च 2026: IPO सिंडिकेट में कुल 19 निवेश बैंक शामिल हुए।
  • 27 मार्च 2026: बाजार की कमजोर स्थिति के चलते फाइलिंग फिर टाली गई।
  • मई 2026: IPO को OFS से बदलकर पूरी तरह प्राइमरी इश्यू बनाया गया।
  • 19 जून 2026: Jio ने IPO का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया।

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First Published - June 30, 2026 | 11:32 AM IST

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