अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की निगाहें दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत पर टिकी हैं। हालांकि, सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों की घटनाओं ने संघर्षविराम की स्थिति पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। ऐसे में बाजार अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए है।
मंगलवार सुबह कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड के अगस्त वायदा अनुबंध की कीमत करीब 1.03 फीसदी यानी 75 सेंट गिरकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाला अधिक सक्रिय ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट 0.54 फीसदी टूटकर 73.51 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 0.66 फीसदी यानी 47 सेंट की गिरावट के साथ 70.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक Tim Waterer का कहना है कि निवेशक दोहा में संभावित बातचीत से सकारात्मक नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में बाजार उम्मीद और सतर्कता—दोनों के बीच संतुलन बनाकर चल रहा है।
ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि आने वाले दिनों में ईरान और ओमान के विशेषज्ञ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले समुद्री ट्रांजिट मार्गों को नए सिरे से तय करने पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान निर्धारित मार्गों से बाहर चलने वाले जहाजों को रोकने की कोशिश करेगा।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने साफ किया कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर औपचारिक बातचीत तय नहीं हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोहा में बातचीत महत्वपूर्ण भी हो सकती है और नहीं भी। उनका कहना था कि इसका वास्तविक असर बैठक होने के बाद ही सामने आएगा।
दरअसल, 17 जून को दोनों पक्षों के बीच संघर्ष रोकने पर बनी सहमति के बाद भी हालिया घटनाक्रम ने इस समझौते की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही वजह है कि निवेशक किसी ठोस प्रगति का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति प्रयासों में इजरायल शामिल नहीं है और उसने खुद को इस प्रक्रिया से अलग रखा है।
इस बीच, शिपिंग डेटा के अनुसार पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल और एलएनजी उत्पादक देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालिया हमलों और तनाव के बावजूद तेल और गैस की लोडिंग जारी रखी है।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का मानना है कि यदि पिछले दो सप्ताह जैसी रफ्तार से फारस की खाड़ी से तेल की आवाजाही में सुधार जारी रहता है, तो जुलाई की शुरुआत तक तेल आपूर्ति फिर से युद्ध-पूर्व स्तर यानी लगभग 2.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर रही, जो वैश्विक तेल आपूर्ति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत माना जा रहा है।