IPO Listing Gains August 2026: नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ताजा ‘मार्केट पल्स’ रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त में प्राथमिक बाजार ने सूचीबद्ध सभी शेयरों पर बढ़त के साथ शानदार कामयाबी हासिल की। साथ ही, इस दौरान व्यापक बाजार में खुदरा निवेशकों की संख्या बढ़ी।
आईपीओ बढ़ते हैं तो नए पंजीकरण भी बढ़ जाते हैं। नए निवेशक तुरंत मुनाफा कमाने के इरादे से अक्सर आईपीओ में निवेश करने के लिए पंजीकरण कराते हैं। आईपीओ रिटर्न के लिहाज से जहां जून और जुलाई बहुत अच्छे महीने नहीं थे, वहीं अगस्त का महीना शानदार रहा है।
मुख्य प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध 18 आईपीओ से 28,976 करोड़ रुपये जुटाए गए। इनकी मार्केट वैल्यू 2.48 लाख करोड़ रुपये है, जो जुटाई गई पूंजी का 8.6 गुना है। अकेले मणिपाल का हिस्सा महीने भर में जुटाई गई रकम का 32 फीसदी और कुल मार्केट वैल्यू का 40.5 फीसदी था। तीन अग्रणी कंपनियों ने कुल रकम का 51.6 फीसदी हिस्सा हासिल किया। अगस्त में प्राथमिक बाजार में 25 आईपीओ आए, जो पिछले दस महीनों में सबसे अधिक हैं।
तीन सबसे बड़ी बढ़त छोटे इश्यू में आई। टेंपसेंस ने 650 करोड़ जुटाए और 111.3 फीसदी लाभ मिला। टेक्नोक्राफ्ट में 81.4 फीसदी बढ़त रही जबकि उसने 252 करोड़ रुपये जुटाए और बिहारी लाल ने 63.2 फीसदी की बढ़त हासिल की। उसका निर्गम 302 करोड़ रुपये का था। ज्यादातर पैसा बड़े इश्यू में गया और फायदा छोटे आईपीओ में मिला। तीसरे सबसे बड़े निर्गम होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स को 0.4 फीसदी लाभ हुआ।
आईपीओ बाजार में बढ़ोतरी मुख्य रूप से पश्चिमी भारत की वजह से हुई। पश्चिमी क्षेत्र से नए पंजीकरण में मासिक आधार पर 40.9 फीसदी की भारी वृद्धि हुई, जो अन्य भौगोलिक क्षेत्रों से काफी ज्यादा है। इसके बाद उत्तर भारत का नंबर रहा, जहां नए निवेशकों की संख्या में मासिक आधार पर 12.4 फीसदी की सतत बढ़ोतरी देखी गई। पूर्वी भारत में 7.3 फीसदी और दक्षिणी भारत में 3.6 फीसदी नए पंजीकरण हुए।
व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी। एनएसई पर नए निवेशकों का पंजीकरण जुलाई के 13.3 लाख से बढ़कर अगस्त में 15.5 लाख हो गया, जो मासिक आधार पर करीब 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी है। इस तेजी ने एक्सचेंज के पंजीकरण में हो रही वृद्धि के सिलसिले को और आगे बढ़ाया। इससे पहले जून में इसमें 14.1 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
दूसरी ओर अगस्त 2026 में नए निवेशक पंजीकरण के मामले में गुजरात ने उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। गुजरात में 2.3 लाख नए निवेशक जुड़े, जो महीने भर में हुई कुल बढ़ोतरी का 14.6 फीसदी है। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान रहा, जहां 2.0 लाख (12.9 फीसदी) नए निवेशक जुड़े।
गुजरात में नए पंजीकरण में पिछले महीने के मुकाबले 94.8 फीसदी और पिछले साल के मुकाबले 134.9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
राजस्थान में भी 36.7 फीसदी की अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। अवव्ल रहने का ताज उत्तर प्रदेश से गुजरात के पास चला गया। हालांकि, देश भर में पंजीकृत निवेशकों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश अभी भी दूसरे नंबर पर है। अगस्त के दौरान नए निवेशकों के जुड़ने में गुजरात का योगदान सबसे ज्यादा रहा, क्योंकि वहां नए पंजीकरण में तेजी से बढ़ोतरी हुई। यह अंतर निवेशकों को जोड़ने के बदलते ट्रेंड को दिखाता है।