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अक्टूबर में IPO का सुपर शो! भारतीय शेयर मार्केट जुटा सकता है 5 अरब डॉलर, निवेशकों में जोश

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अक्टूबर में बड़े IPO से निवेशकों में जोश, भारत का शेयर बाजार तोड़ सकता है नया रिकॉर्ड

Last Updated- October 01, 2025 | 8:55 AM IST
IPO

Upcoming IPO: भारत का शेयर बाजार इस अक्टूबर में रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी कर रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कंपनियां इस महीने 5 अरब डॉलर से अधिक पैसा जुटा सकती हैं। यह संकेत है कि निवेशकों की रुचि भारत के शेयर बाजार में बहुत मजबूत है। बड़े-बड़े नाम जैसे Tata Capital और LG Electronics की भारतीय यूनिट अरबों रुपये के IPO (Initial Public Offering) लाने जा रही हैं। इन बड़े प्रस्तावों से यह विश्वास बढ़ रहा है कि भारत का 5 ट्रिलियन डॉलर का शेयर बाजार बड़ी रकम को आसानी से संभाल सकता है, भले ही अमेरिका के टैरिफ और कमजोर कमाई की वजह से दूसरे एशियाई बाजार पीछे रह गए हों।

म्युचुअल फंड्स का बाजार में क्या योगदान है?

इस तेजी का एक बड़ा कारण घरेलू म्युचुअल फंड्स हैं। ये फंड लगातार निवेश कर रहे हैं, जिससे विदेशी निवेशकों के बाहर जाने को संतुलित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि घरेलू निवेशकों की वजह से भारत का बाजार मजबूत बना हुआ है।

कंपनियां जैसे Jefferies Financial Group और JPMorgan Chase & Co. उम्मीद कर रही हैं कि पिछले साल की तरह जो रफ्तार बनी थी, वह इस साल भी जारी रहेगी। पिछले साल भारत के IPOs ने रिकॉर्ड 21 अरब डॉलर जुटाए थे।

HDFC Securities के मैनेजिंग डायरेक्टर धीरज रेहली का कहना है कि म्युचुअल फंड्स में पैसा होने और लगातार निवेश से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है और बाजार बड़ी पूंजी जुटाने के लिए तैयार है।

अक्टूबर में कौन-कौन से बड़े IPO आने वाले हैं?

अक्टूबर में कई बड़ी कंपनियों के IPO आने वाले हैं। सबसे पहले, WeWork India 3,000 करोड़ रुपये का IPO 3 अक्टूबर को लॉन्च करेगी। इसके बाद Tata Capital का 11,500 करोड़ रुपये का शेयर प्रस्ताव 6 अक्टूबर को आएगा। इसी सप्ताह LG Electronics की भारतीय यूनिट भी लगभग 11,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, Pine Labs 6,000 करोड़ रुपये और Canara HSBC Life Insurance 2,500 करोड़ रुपये का IPO अक्टूबर में लॉन्च कर सकती हैं। ICICI Prudential Asset Management Co. भी अक्टूबर के अंत में अपना IPO ला सकती है।

विदेशी निवेशक अब कम एक्टिव क्यों हैं?

हालांकि विदेशी निवेशक अभी भी IPO में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन उनकी भागीदारी पिछले साल की तुलना में कम हो गई है। इस साल विदेशी फंड्स का निवेश 43,000 करोड़ रुपये तक रह गया है, जबकि 2024 में यह 1.2 ट्रिलियन रुपये था। इसका मतलब है कि अब भारतीय निवेशकों और म्युचुअल फंड्स का योगदान और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

निवेशकों की रुचि अभी भी मजबूत है क्या?

जनवरी से सितंबर तक भारतीय कंपनियों ने पहले ही 11.2 अरब डॉलर जुटा लिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि साल के अंतिम तीन महीनों में 8 से 10 अरब डॉलर और जुट सकते हैं। Goldman Sachs के कैलाश सोनी का कहना है कि निवेशकों की रुचि अभी भी बहुत मजबूत है। कई कंपनियां अपने IPO के लिए रोडशो कर रही हैं और घरेलू और विदेशी निवेशक दोनों ही भारत में पैसा लगाने के लिए तैयार हैं।

HSBC Securities के रनवीर दावड़ा कहते हैं कि भारत को लोग टैरिफ-प्रतिरोधी और मांग-आधारित बाजार मानते हैं। इसलिए बड़े और क्वालिटी IPO निवेशकों को हमेशा आकर्षित करते रहेंगे। इसका मतलब है कि भारत का IPO बाजार आने वाले समय में भी मजबूत बने रहने वाला है। (ब्लूमबर्ग के इनपुट के साथ)

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First Published - October 1, 2025 | 8:55 AM IST

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