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इक्विटी बाजार में तेजी से हाइब्रिड फंड चमके

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:52 AM IST

भारतीय इक्विटी बाजारों के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने और महंगे मूल्यांकन की वजह से कुछ विश्लेषक कथित ‘एग्रेसिव हाइब्रिड’ फंडों में अवसर तलाश रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे फंडों ये बाजार गिरने की स्थिति में मदद मिल सकती है। जुलाई में, इस श्रेणी में 2021 में पहली बार अच्छा शुद्घ प्रवाह दर्ज किया गया।
वर्ष 2017 से पहले, एग्रेसिव हाइब्रिड श्रेणी निवेशकों के बीच बेहद पसंदीदा थी, क्योंकि इसमें प्योर इक्विटी फंडों के मुकाबले कम जोखिम था और इसने डेट योजनाओं के मुकाबले बेहतर प्रतिफल भी दिया। बाद में, ऐसे हाइब्रिड फंडों की लोकप्रियता कमजोर पड़ गई, क्योंकि इक्विटी प्रतिफल में तेजी आई।

उद्योग के जानकारों का कहना है कि अब इक्विटी बाजारों में तेजी के साथ इस श्रेणी की फिर से मांग बढ़ी है। भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन एम्फी के आंकड़े से पता चलता है कि जुलाई में एग्रेसिव हाइब्रिड श्रेणी में 741 करोड़ रुपये का शुद्घ पूंजी प्रवाह आकर्षित हुआ। 
ऐक्सिस म्युचुअल फंड के इक्विटी फंड प्रबंधक आशिष नाइक का कहना है, ‘मार्च 2020 के निचले स्तरों से, इक्विटी बाजारों में एकतरफा तेजी दर्ज की गई है। चूं िइस श्रेणी ने अपना करीब 65-80 प्रतिशत निवेश इक्विटी में लगाया, इसलिए इक्विटी बाजार में अच्छी तेजी का लाभ निवेशकों को ज्यादा मिला है।’ ऐसी योजनाओं में 65-80 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी और शेष डेट प्रतिभूतियों में करना अनिवार्य है।

पिछले साल के दौरान, एग्रेसिव हाइब्रिड श्रेणी ने 41 प्रतिशत का औसत प्रतिफल दिया, जो मल्टी-ऐसेट एलोकेशन, डायनमेमिक ऐसेट एलोकेशन, और कंजरवेटिव हाइब्रिड जैसी अन्य हाइब्रिड श्रेणियों के मुकाबले ज्यादा है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी में उत्पाद विकास एवं रणनीति मामलों के प्रमुख चिंतन हरिया का कहना है, ‘निवेशकों को इक्विटी और डेट के मिश्रित पोर्टफोलियो प्रदान कर, इक्विटी और डेट फंड दोनों संपत्ति वर्गों में श्रेष्ठ प्रतिफल पेश करते हैं और ये कई आकर्षक फंड श्रेणियों में शामिल हैं। डेट हिस्सा संपूर्ण प्रतिफल में मजबूती प्रदान करता है और इक्विटी संबंधित निवेश दीर्घावधि कमाई का अवसर प्रदान करता है।’एग्रेसिव  हाइब्रिड श्रेणी में, कुछ फंडों ने पिछले साल के दौरान 45-53 प्रतिशत का प्रतिफल दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों से जुड़े कुछ फंडों ने करीब 70 प्रतिशत तक का शानदान प्रतिफल दिया।

कई निवेशक बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों की वजह से एगे्रसिव हाइब्रिड श्रेणी को लेकर अनिश्चित हैं, क्योंकि बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों ने भी हाल के महीनों में अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है। एग्रेसिव हाइब्रिड श्रेणियों में परिसंपत्ति आवंटन अस्थिर है, जबकि बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों (बीएएफ) ने बाजार हालात के आधार अपने इक्विटी और डेट आवंटन में बदलाव किया है। फंड्सइंडिया में शोध प्रमुख अरुण कुमार कहते हैं, ‘एग्रेसिव हाइब्रिड फंडों ने समय-सीमा को दूर किया है और दीर्घावधि में बीएएफ श्रेणी के मुकाबले बेहतर प्रतिफल दर्ज किया है।’ पिछले साल में, बीएएफ ने 23.41 प्रतिशत का औसत प्रतिफल दिया।
इक्विटी में ज्यादा निवेश आवंटन के साथ, एग्रेसिव हाइब्रिड श्रेणियों ने दीर्घावधि में बेहतर प्रतिफल दिया है। पिछले 10 साल में, ऐसे फंडों ने 13 प्रतिशत का औसत प्रतिफल दिया। तुलनात्मक तौर पर, लार्जकैप फंड श्रेणी ने भी 13 प्रतिशत का औसत प्रतिफल दिया। 

कुमार कहते हैं, ‘निवेशकों को न्यूनतम 5-7 वर्ष की समय-सीमा के साथ निवेश करना चाहिए।’

First Published : August 17, 2021 | 12:23 AM IST