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Reliance Capital को डीलिस्ट करने की तैयारी में Hinduja Group

प्रस्तावित अधिग्रहण को अभी आरबीआई, आईआरडीएआई, सीसीआई और बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलनी बाकी है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 28, 2024 | 1:44 PM IST

कारोबारी अनिल अंबानी की भारी कर्ज में डूबी Reliance Capital अब हिंदुजा ग्रुप की हो गई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को हिंदुजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) के 9,650 करोड़ रुपये के रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है।

अब इसके नए मालिक यानी कि हिंदुजा समूह ने रिलायंस के शेयरों को समाप्त करके एक्सचेंजों से स्टॉक को हटाने की योजना बनाई है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, “RCL(रिलायंस कैपिटल) के इक्विटी शेयरधारक का परिसमापन मूल्य शून्य है और इसलिए, इक्विटी शेयरधारक कोई भुगतान प्राप्त करने के हकदार नहीं होंगे और आरसीएल के किसी भी शेयरधारक को कोई प्रस्ताव नहीं दिया जाएगा।”

बता दें, ट्रिब्यूनल ने डेट रिजॉल्यूशन प्रोसेस के तहत हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (आईआईएचएल) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। खरीदार को रिजॉल्यूशन को लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।

ट्रिब्यूनल के अप्रूवल ऑर्डर के आधार पर रिलायंस कैपिटल की संपूर्ण मौजूदा शेयर पूंजी को शून्य विचार के लिए रद्द और समाप्त करने का प्रस्ताव है। कंपनी ने ऋणदाताओं के लाभ के लिए कुल 50 करोड़ रुपये की राशि का भी प्रस्ताव रखा है, जो अग्रिम नकदी का हिस्सा होगा और प्रस्तावित राशि के अलावा 11 करोड़ रुपये अतिरिक्त होंगे।

प्रस्तावित अधिग्रहण को अभी आरबीआई, आईआरडीएआई, सीसीआई और बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलनी बाकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले हफ्ते तक आरबीआई और सेबी दोनों की मंजूरी मिलने की संभावना है।

कर्ज में डूबी थी रिलायंस कैपिटल

बता दें, रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था। रिजर्व बैंक ने नवंबर 2021 में खराब गवर्नेंस और पेमेंट डिफॉल्ट के मामले पर रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को भंग कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने नागेश्वर राव वाई को नया प्रशासक बनाया। उन्होंने रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण करने के लिए फरवरी 2022 में बिड्स मंगाई।

चार आवेदकों ने अपने रिजॉल्यूशन प्लान के साथ बोलियां लगाईं। लेकिन, कोई भी बिड लेनदारों की समिति (CoC) की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। इसलिए सभी बोलियां खारिज हो गईं।

फिर लेनदार बैंक एक चैलेंज मैकेनिज्म लाए, जिसमें IIHL और टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स ने हिस्सा लिया। जून 2023 में हिंदुजा ग्रुप की फर्म को कमेटी ने 9,661 करोड़ रुपये की अपफ्रंट कैश बिड के लिए चुना। रिलायंस कैपिटल का अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये का नकद शेष भी लेनदारों के पास जाएगा।

मुंबई की NCLT कोर्ट में जस्टिस वीरेंद्र सिंह बिष्ट और टेक्निकल मेंबर प्रभात कुमार की बेंच ने मौखिक आदेश में IIHL के रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी।

First Published : February 28, 2024 | 1:44 PM IST