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Goldman Sachs ने भारत में निवेश का रोडमैप किया तैयार, निजी कंपनियों को मिलेगा बढ़त का अवसर

गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय निजी एरोस्पेस और रक्षा कंपनियों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी, प्रमुख शेयरों की पहचान कर लाभकारी अवसर निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया

Last Updated- October 03, 2025 | 10:08 PM IST
Bharat dynamics share price
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

गोल्डमैन सैक्स को भारतीय एरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र से काफी उम्मीदें हैं। उसने इस सेक्टर में सरकारी क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) की तुलना में निजी कंपनियों को तरजीह दी है। भारत ने इस क्षेत्र के लिए निर्यात लक्ष्य पिछले साल के 23,600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये कर दिया है। 

अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने जिन शेयरों को खरीदने की सलाह दी है, उनमें सोलर इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा पैटर्न्स और पीटीसी इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से शामिल हैं। लेकिन उसने भारत डायनामिक्स को ‘बेचें’ रेटिंग दी गई है। कैलेंडर वर्ष 2025 में निफ्टी इंडिया डिफेंस सूचकांक ने निफ्टी 50 को लगभग 23 प्रतिशत के अंतर से पीछे छोड़ दिया। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स यानी निफ्टी में महज 5 प्रतिशत की बढ़त हुई। 

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एसीई इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत डायनामिक्स, पारस डिफेंस और एस्ट्रा माइक्रोवेव ऐसे शेयर हैं जो कैलेंडर वर्ष 2025 में 38 प्रतिशत तक के इजाफे के साथ बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे हैं।

खर्च परिदृश्य 

गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि भारत दुनिया में रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक खर्च करने वाला पांचवां देश (वित्त वर्ष 2025 में 80 अरब डॉलर) और उपकरण आयात में दूसरा सबसे बड़ा देश (यूक्रेन के बाद) होने के बावजूद वह काफी हद तक सरकारी कंपनियों पर ही केंद्रित रहा है। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने हाल में अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने हाल में टेक्नोलॉजी परस्पेक्टिव एंड कैपेबिलिटी रोडमैप (टीपीसीआर)-2025 जारी किया है और एआई-सक्षम सिस्टम तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी नई तकनीकों पर ध्यान दिया है। इससे यह जाहिर होता है कि रक्षा क्षेत्र में खर्च का परिदृश्य बदल रहा है। ऐसे में निजी कंपनियां सरकारी कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं।

निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए 32 प्रतिशत और सरकारी कंपनियों के लिए 13 प्रतिशत की अनुमानित सालाना वृद्धि दर रही है। इस आधार पर इनकी शानदार ईपीएस वृद्धि (वित्त वर्ष 2025-से  2028) रही है और फिर वैश्विक रक्षा खर्च में भी वृद्धि हो रही है। ये ही दो ऐसे मुख्य कारण हैं जिनको देखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने निजी क्षेत्र की एरोस्पेस और रक्षा कंपनियों को प्राथमिकता दी है। 

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शेयरों का चयन

प्रमुख शेयर तीन मुख्य वजहों से लाभान्वित हो रहे हैं। ये हैं- अगले 20 वर्षों में घरेलू रक्षा बाजार  का छह गुना बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाना, टेक्नोलॉजी के निचले स्तर पर स्वदेशीकरण की संभावना और रक्षा निर्यात का ऊंचा लक्ष्य। सोलर इंडस्ट्रीज (36 प्रतिशत रिटर्न) और पीटीसी इंडस्ट्रीज (58 प्रतिशत) गोल्डमैन सैक्स की निजी क्षेत्र की कंपनियों में खरीदारी के लिए सुझाए गए प्रमुख शेयर हैं। सोलर इंडस्ट्रीज को मजबूत मैटेरियल क्षमता होने के लिए जाना जाता है, जबकि पीटीसी इंडस्ट्रीज दुनिया की अग्रणी एरोस्पेस ग्रेड टाइटेनियम और सुपरअलॉय कंपनियों में से एक है। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषक अमित दीक्षित और कुमारी ऋषिका ने हाल में जारी एक नोट में लिखा,  ‘हमने भारत डायनेमिक्स पर मुख्य रूप से घटते मार्जिन और आय वृद्धि के मुकाबले खराब मूल्यांकन को ध्यान में रखते हुए ‘बेचें’ रेटिंग दी है। हमने एस्ट्रा माइक्रोवेव, डेटा पैटर्न्स, आजाद इंजीनियरिंग और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को ‘खरीदें’ और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है।’ 

First Published - October 3, 2025 | 10:08 PM IST

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