facebookmetapixel
Advertisement
Caliber Mining IPO Listing: 18% प्रीमियम पर कैलिबर माइनिंग की बाजार में एंट्री, निवेशकों को हर लॉट पर ₹2800 का फायदामहंगा क्रूड, फिर भी Reliance की होगी तगड़ी कमाई? ब्रोकरेज ने दिया 22% अपसाइड का टारगेटAirtel का बड़ा दांव! London Stock Exchange पर लिस्ट होगी Airtel Money, खुलेंगे वैश्विक निवेश के नए रास्तेसिगरेट पर टैक्स बढ़ने के बाद ITC का बड़ा दांव! अवैध कारोबार रोकने के लिए बदल रही पूरी रणनीतित्योहारी सीजन में Mercedes-Benz का बड़ा दांव! 2,000 ऑर्डर पहले से बुक, रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीदBPCL और HPCL में किसकी हालत ज्यादा खराब? घाटे, कर्ज और ब्रोकरेज की राय से समझिए पूरा हिसाबSona Comstar का बड़ा प्लान! अगले 10 साल में 10 गुना कारोबार बढ़ाने की तैयारी, Robotics और AI पर बड़ा दांवजगन्नाथ मंदिर की 60 हजार एकड़ जमीन वापस लेगी ओडिशा सरकारकिसानों की कमाई बढ़ाने के लिए खेती से बाहर भी रोजगार जरूरीपश्चिम एशिया संकट पर जयशंकर का बड़ा संदेश, बातचीत से ही निकलेगा समाधान

फाइनेंशियल रेगुलेटर्स का ध्यान इन्वेस्टर्स की सुरक्षा पर होना चाहिए: FM Sitharaman

Advertisement

पॉलिसी मेकिंग में जवाबदेही बढ़ाने के लिए रेगुलेटरी इम्पैक्ट असेसमेंट की जरूरत: FM सीतारमण

Last Updated- July 28, 2023 | 7:53 PM IST
FM Nirmala Sitharaman in Mumbai

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि कोई भी फैसला करने से पहले उसके गुण-दोष का अध्ययन करने के लिए ‘नियामकीय प्रभाव आकलन’ की जरूरत है।

उन्होंने मौजूदा नियमों के लिए भी ऐसी समीक्षा की वकालत की। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था होने से नीति निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ”प्रस्तावित और मौजूदा नियमों तथा गैर-नियामक विकल्पों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का गंभीरता से आकलन के लिए हमारे पास नियामकीय प्रभाव मूल्यांकन की व्यवस्था होनी चाहिए।”

ये भी पढ़ें : FII: विदेशी निवेशकों को नहीं भा रही भारतीय IT कंपनियां, प्रमुख फर्मों की परफॉर्मेंस पड़ी कमजोर

सीतारमण ने कहा कि कारोबारी सुगमता के लिए विभिन्न नियमों के तहत आवेदनों पर निर्णय लेने की समयसीमा भी तय की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ”कारोबारी सुगमता के लिए नियमों की गुणवत्ता, आनुपातिकता और प्रभावशीलता सबसे ज्यादा मायने रखती है।” सीतारमण ने कहा कि वित्तीय नियामकों का मुख्य ध्यान बाजार विकास और निवेशकों की सुरक्षा पर होना चाहिए।

ये भी पढ़ें : Semicon India 2023: देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

साथ ही बाजारों को ऐसा बनाया जाना चाहिए, जिससे पूंजी जुटाने में आसानी हो और निवेशकों को जरूरी सुरक्षा भी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नियामक का काम कठिन है और अक्सर उन्हें इसके लिए सराहना भी नहीं मिलती है।

ये भी पढ़ें : NTPC के शेयरों ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, 2008 के बाद mcap फिर 2 लाख करोड़ के पार

Advertisement
First Published - July 28, 2023 | 4:40 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement