facebookmetapixel
Advertisement
म्युचुअल फंड के बदले लोन लेना कितना सही? फायदे, जोखिम और जरूरी बातें समझेंभारत, ब्राजील और अमेरिका कारोबार से Torrent Pharma को फायदा, ब्रोकरेज ने दिया ₹5,230 तक का टारगेटNPS में बड़े बदलाव की तैयारी? कम जोखिम और स्थिर रिटर्न पर फोकस, नए निवेश व गारंटीड पेंशन पर विचारNTA पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा- पुरानी गलतियों से नहीं लिया सबक, NEET पर फिर बवालफ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स की बढ़ती लागत के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत: सीतारमणक्या SIP भारतीय बाजार की ताकत है या विदेशी निवेशकों का एक्जिट गेट?PM Surya Ghar Scheme: सोलर पैनल लगवाने पर सरकार दे रही सब्सिडी, जानें ऑनलाइन आवेदन का तरीका₹15,000 करोड़ के बायबैक से पहले Wipro के शेयर में तेजी, मौजूदा भाव से 20% प्रीमियम पर ऑफरबाजार से तेज भागा Maharatna PSU का शेयर, कमजोर तिमाही के बावजूद ब्रोकरेज दे रहे BUY की सलाहसैलरी से PF कट रहा है पर खाते में पैसा आया या नहीं? ऐसे करें EPFO बैलेंस चेक, पूरी डिटेल जानें

फाइनेंशियल रेगुलेटर्स का ध्यान इन्वेस्टर्स की सुरक्षा पर होना चाहिए: FM Sitharaman

Advertisement

पॉलिसी मेकिंग में जवाबदेही बढ़ाने के लिए रेगुलेटरी इम्पैक्ट असेसमेंट की जरूरत: FM सीतारमण

Last Updated- July 28, 2023 | 7:53 PM IST
FM Nirmala Sitharaman in Mumbai

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि कोई भी फैसला करने से पहले उसके गुण-दोष का अध्ययन करने के लिए ‘नियामकीय प्रभाव आकलन’ की जरूरत है।

उन्होंने मौजूदा नियमों के लिए भी ऐसी समीक्षा की वकालत की। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था होने से नीति निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ”प्रस्तावित और मौजूदा नियमों तथा गैर-नियामक विकल्पों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का गंभीरता से आकलन के लिए हमारे पास नियामकीय प्रभाव मूल्यांकन की व्यवस्था होनी चाहिए।”

ये भी पढ़ें : FII: विदेशी निवेशकों को नहीं भा रही भारतीय IT कंपनियां, प्रमुख फर्मों की परफॉर्मेंस पड़ी कमजोर

सीतारमण ने कहा कि कारोबारी सुगमता के लिए विभिन्न नियमों के तहत आवेदनों पर निर्णय लेने की समयसीमा भी तय की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ”कारोबारी सुगमता के लिए नियमों की गुणवत्ता, आनुपातिकता और प्रभावशीलता सबसे ज्यादा मायने रखती है।” सीतारमण ने कहा कि वित्तीय नियामकों का मुख्य ध्यान बाजार विकास और निवेशकों की सुरक्षा पर होना चाहिए।

ये भी पढ़ें : Semicon India 2023: देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

साथ ही बाजारों को ऐसा बनाया जाना चाहिए, जिससे पूंजी जुटाने में आसानी हो और निवेशकों को जरूरी सुरक्षा भी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नियामक का काम कठिन है और अक्सर उन्हें इसके लिए सराहना भी नहीं मिलती है।

ये भी पढ़ें : NTPC के शेयरों ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, 2008 के बाद mcap फिर 2 लाख करोड़ के पार

Advertisement
First Published - July 28, 2023 | 4:40 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement