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पीएमएस सेवा देने वालों का क्लाइंट आधार घटा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:46 AM IST

बाजार में तेजी के बावजूद पोर्टफोलियो मैनेजरों ने अपने क्लाइंट आधार पर में एक साल के दौरान 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की है। मई 2020 में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवा देने वालों के पास 1,63,684 क्लाइंट थे, जो मई 2021 में 21.2 फीसदी घटकर 1,28,994 रह गए। मासिक नियामक बुलेटिन में संकलित आंकड़ों से यह जानकारी मिली। बाजार नियामक सेबी पीएमएस के आंकड़े जारी करता है और मई के आंकड़े इस महीने जारी हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक वजह महामारी के प्रसार से पहले नियमों को सख्त बनाया जाना है। शेयर बाजारों में तेजी को भी इसमें गिरावट की एक वजह मानी जा रही है। स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अजय बोडके ने कहा, पिछले साल के मई महीने से अब तक एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 72.1 फीसदी चढ़ा है और कई निवेशकों ने वैयक्तिक शेयरोंं में कई गुना बढ़त देखी है। ज्यादा विशाखित पीएमएस फंडों ने अनिवार्य रूप से इतना रिटर्न नहीं दिया है और कई क्लाइंटों ने रिटर्न के इस अंतर पर कदम उठाया है। उन्होंने कहा, कई निवेशकोंं का मानना है कि वे बेहतर कर सकते थे। 

एक अग्रणी परिसंपत्ति प्रबंधक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीएमएस क्षेत्र ने पांच साल पहले काफी क्लाइंट जोड़े थे। उन्होंने अच्छा रिटर्न नहीं पाया क्योंंकि बाजार कुछ सालों से स्थिर था। कई ने अपनी रकम निकाल ली ताकि उनका निवेश लाभदायक बन सके। तेजी के बाद जब रिटर्न थोड़ा हल्का होता है तो इस तरह का चक्र देखने को मिलता है।
सेबी ने भी हाल में पीएमएस सेवाओं के नियम सख्त बनाए हैं। ऐसी योजनाओं में न्यूनतम निवेश 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया, जो जनवरी 2020 से प्रभावी है। 

सेबी की वेबसाइट पर दर्ज एक नोट के मुताबिक, अपने पोर्टफोलियो से क्लाइंट आंशिक रकम निकाल सकते हैं, जो क्लाइंट व पोर्टफोलियो मैनेजर के करार के मुताबिक होगा। हालांकि ऐसी निकासी के बाद पोर्टफोलियो में निवेश की वैल्यू निवेश की न्यूनतम रकम से कम नहीं होनी चाहिए।

First Published : August 20, 2021 | 12:39 AM IST