केंद्र सरकार ने छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय ऑनलाइन मंच विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी पढा़ई की सामग्री, विशेषज्ञ मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले से अपने भाषण के दौरान की थी। उन्होंने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे कामों की समीक्षा की। मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘छात्रों के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है, जो देश भर के इच्छुक छात्रों को उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षण सामग्री, विशेषज्ञ मार्गदर्शन देकर परीक्षाओं की सुव्यवस्थित तैयारी कराएगा।’
सरकार पहले से ही शिक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित एक मुफ्त शिक्षण मंच ‘साथी’ का संचालन करती है। यह मंच इंजीनियरिंग के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई), मेडिकल के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) और सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) सहित कई परीक्षाओं की तैयारी के लिए सामग्री और मार्गदर्शन प्रदान करता है। प्रस्तावित राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म भी ‘साथी’ जैसा ही हो सकता है।
केंद्र सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब देश में प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। इन विवादों ने सरकार का ध्यान देश के कोचिंग पारिस्थितिकी तंत्र की ओर खींचा है। एक ओर, नीट के प्रश्नपत्र लीक होने में कई कोचिंग केंद्रों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। दूसरी ओर, लगातार महंगी होती निजी कोचिंग के कारण छात्रों, अभिभावकों और सरकार की चिंताएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भी प्रवेश परीक्षाओं के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कोचिंग केंद्रों के बढ़ते प्रभुत्व को उजागर किया है। इसमें कोचिंग केंद्रों द्वारा कदाचार की आशंका बढ़ रही है।