श्रमिक एक्सप्रेस की मांग घटी, विशेष ट्रेन में यात्री कम

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 7:58 PM IST

करीब 60 लाख लोगों की यात्रा के बाद अब श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों की मांग कम हो कर 30 ट्रेन प्रतिदिन रह गई है। साथ ही जिन राज्यों से ट्रेन चलनी है, उन्होंने 16 जून तक के लिए ही ट्रेनों की मांग की है। वहीं दूसरी ओर बहुप्रचारित विशेष ट्रेनें, जिनमें 15 जोड़ी राजधानी एक्सप्रेस और 100 जोड़ी मेल एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, इनमें क्रमश: 62 प्रतिशत और 67 प्रतिशत सीटें ही भर रही हैं।
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें 1 मई से शुरू की गई थीं, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे विस्थापित श्रमिकों को उनके इच्छित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।  4 जून तक कुल 4,261 ट्रेनें चलाई गईं, जिनके माध्यम से 58 लाख यात्रियों ने यात्रा की।
भारतीय रेल ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह विभिन्न राज्यों से आने वाले अनुरोध के आधार पर रेलगाडिय़ां चलाएगी और राज्यों ने 16 जून तक ट्रेन चलाने की मांग रेलवे से की है। 3 जून को भारती रेल ने राज्यों को पत्र लिखकर अनुमानित ट्रेनों की जरूरत के बारे में जानकारी मांगी थी और राज्योंं की ओर से 16 जून तक के लिए 171 ट्रेनों की मांग आई। इनमें से ज्यादातर ट्रेनों की मांग दक्षिण भारत से आई, जिनमें 66 की मांग केरल से, 26 की तमिलनाडु से, 18 ट्रेनों की मांग कर्नाटक से हुई। रेलवे ने सभी राज्यों की ओर से आई मांग पूरी की है।
विभिन्न राज्यों की ओर से श्रमिक ट्रेनों की मांग 26 मई की 255 ट्रेन से घटकर 3 जून को 32 ट्रेन रह गई। 4 जून को भी 32 ट्रेनें चलीं। दिलचस्प है कि जितनी भी श्रमिक ट्रेन चली हैं, उनमें 40 प्रतिशत उत्तर प्रदेश के लिए और 38 प्रतिशत बिहार के लिए थीं।
वहीं दूसरी ओर 15 जोड़ी राजधानी ट्रेनों में 1 से 7 जून के बीच यात्रियों की संख्या घटकर कुल क्षमता का 62 प्रतिशत रही और इस अवधि के दौरान करीब 1,07,647 यात्रियों ने यात्रा की। वहीं दूसरी तरफ 100 जोड़ी विशेष मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को इस अवधि के दौरान कुल क्षमता का 67 प्रतिशत यात्री ही मिले और 12 लाख लोगों ने इनमें यात्रा की।
भारतीय रेल के मुताबिक ट्रेनों के कम भरने की एक वजह कुछ राज्यों द्वारा यात्रा पर सीमाएं लगाना है। विशेष राजधानी ट्रेनें  12 मई को चलाई गईं और उसके बाद 5,61,000 लोगों ने इन ट्रेनों में यात्रा की। 1 जून से शुरू की गई स्पेशल ट्रेनों में 13 लाख लोगों ने यात्रा की है।
स्पेशल ट्रेन और श्रमिक ट्रेन में शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। इसमें स्टेशन में कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश देना, ट्रेन छूटने के 90 मिनट पहले यात्रियों को पहुंचने, प्रवेश व निकास के लिए अलग द्वार, संपर्क रहित थर्मल स्क्रीनिंग, टिकट जांच, सैनिटाइजर के इंतजाम आदि शामिल हैं। यात्रियों को खाना, पानी व बिस्तर भी नहीं दिया जा रहा है।

First Published : June 9, 2020 | 12:07 AM IST