International Day of Peace 2022: कब और क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और मनाने का तरीका!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:20 PM IST

तरक्की की दौड़ में आगे बढ़ती दुनिया और गला काट प्रतिस्पर्धा के बीच दुनिया भर में अशांति और युद्ध का माहौल बना हुआ है। यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रही जंग अब तक थमी नहीं है जिसका असर दुनिया भर में पड़ रहा है। ग्लोबर बाजार तक इस असर से अछूते नहीं है। दुनिया भर में शांति के माहौल को प्रोत्साहित करने के लिए ही आज यानी 21 सितंबर को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है। आपसी भाईचारा तथा सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से इस दिवस को मनाया जाता है।
 
इस अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर कई अन्य संगठन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
 
क्या है अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का इतिहास
 
साल 1981 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने की घोषणा की थी। साल 1982 में सितंबर माह के तीसरे मंगलवार के दिन संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा ही पहली बार अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया गया था। साल 1982 से 2001 तक यह दिवस विशेष सितंबर के तीसरे मंगलवार को ही मनाया जाता रहा, लेकिन साल 2002 से संयुक्त राष्ट्र ने 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने की घोषणा की। इसके बाद से हर साल 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है। 
 
इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में युद्ध में मारे गये लोगों की स्मृति में एक घंटी बजाई जाती है, जो सभी महाद्वीपों के बच्चों द्वारा दान दिये गये सिक्कों से बनाई गई थी। इस सिक्के के एक पहलू पर लिखा है कि ‘दुनिया भर में लंबे समय तक शांति बनी रहे’.
 
क्या है इस साल का थीम
 
इस दिन यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंबली (UNGA) राष्ट्रों और लोगों के बीच अहिंसा, शांति और युद्धविराम के आदर्शों को बढ़ावा देने के प्रयास करती है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस की थीम है ‘End racism. Build peace.’ जिसका अर्थ है ‘नस्‍लवाद खत्‍म करें. शांति स्‍थापित करें’.
 
ऐसे किया जाता है सेलिब्रेशन
 
इस दिन संयुक्त राष्ट्र से लेकर विभिन्न स्कूल-कॉलेजों, संगठनों-संस्थानों आदि जगहों पर तमाम तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। शांति का दूत कहे जाने वाले सफेद कबूतरों को उड़ाया जाता है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में इस दिवस का मुख्य उद्देश्य विश्व में युद्ध-विराम और रिलेक्स का वातावरण कायम करना है। संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में शांति का संदेश पहुंचाने के लिए कला, खेल, साहित्य, सिनेमा, संगीत जगत की प्रसिद्ध हस्तियों को ‘शांति दूत’ के रूप में नियुक्त कर रखा है, जो अपने-अपने तरीके से इस दिन कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

First Published : September 21, 2022 | 10:22 AM IST