विद्युत पारेषण परिसंपत्तियों के लिए भारत का पहला सूचीबद्घ इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट (इनविट) इंडिग्रिड करीब 1,200 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपना पहला राइट्स इश्यू ला रहा है। कंपनी ने हाल में गैर-परिवर्तनीय डिबेंंचर (एनसीडी) के जरिये 2,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
इंडिग्रिड के मुख्य कार्याधिकारी हर्ष शाह ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए कहा कि इनविट राइट इश्यू के बाद 8,000 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्तियां खरीदने में सक्षम हो जाएगा। शाह ने कहा, ‘हमारा परिसंपत्ति आकार तेजी से बढ़ रही है, इसलिए हमें भविष्य के अधिग्रहणों के लिए और पूंजी जुटाने की जरूरत है।’
कंपनी स्टरलाइट पावर से 4,625 करोड़ रुपये में एनईआर-2 विद्युत पारेषण परियोजना खरीदने की प्रक्रिया में है। शाह ने कहा कि राइट इश्यू के बाद, इंडिग्रिड समान वैल्यू की एक और परिसंपत्ति खरीद सकेगी।
शाह ने कहा, ‘एनईआर सौदा आंशिक रूप से ऋण द्वारा पोषित है और राइट इश्यू से अलग है। हम राइट इश्यू के बाद 4,000-4,500 करोड़ रुपये की अन्य परिसंपत्ति खरीदने की स्थिति में होंगे।’
इंडिग्रिड इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के बोर्ड ने मंगलवार को हुई बैठक में 1,283.65 करोड़ रुपये की राशि जुटाने के लिए 116,695,404 यूनिट तक के राइट इश्यू आकार को मंजूरी दी। राइट इश्यू की कीमत 110 रुपये प्रति यूनिट है।
शाह ने कहा, ‘हम इस क्षेत्र में काफी वृद्घि देख रहे हैं। पिछले साल से हमने अपने पोर्टफोलियो में 10,000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां जोड़ी हैं। दूसरी बात, हम ऐसी मजबूत बैलेंस शीट तैयार करना चाहते हैं जिससे हमें वृद्घि के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। इस राइट इश्यू का मकसद विकास पूंजी हासिल करना और एक मजबूत बैलेंस शीट तैयार करना है।’
उन्होंने कहा कि राइट इश्यू ने इंडिग्रिड के मौजूदा निवेशकों को भी भागीदारी में सक्षम बनाया है। शाह ने कहा, ‘यह हमारे मौजूदा निवेशकों के लिए एक प्रोत्साहन है, क्योंकि उन्हें 20 प्रतिशत सस्ती कीमत पर निवेश का मौका मिलेगा।’
शाह के अनुसार, इस राइट इश्यू के बाद, डेट-एयूएम अनुपात 60 प्रतिशत हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘चूंकि यह 70 प्रतिशत तक जा सकता है, लेकिन इससे हमें एक और परिसंपत्ति खरीदने की संभावना हासिल हुई है।’
शुरू में अपनी प्रायोजक स्टरलाइट ग्रिड से परिसंपत्तियां खरीदने वाली इंडिग्रिड अब अन्य पारेषण परिसंपत्तियों का भी विस्तार कर रही है। पिछले साल, इंडिग्रिड ने स्पेन की कंपनी एफआरवी, टेकनो इलेक्ट्रिक, कल्पतरु और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया था।
शाह ने कहा, ‘हमने स्टरलाइट पावर से आगे भी कई सौदे किए हैं। अधिग्रहणों पर हमारा ध्यान बना रहेगा। हम लंबी अवधि के नकदी प्रवाह वाली अच्छी गुणवत्ता की परिसंपत्तियां खरीदेंगे।’
इंडिग्रिड की 15 राज्यों में 12 चालू परिसंपत्तियां हैं। स्टरलाइट 1.5 अरब डॉलर की 9 परिसंपत्तियों की बिक्री इंडिग्रिड को पहले ही कर चुकी है। उसकी प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां 31 दिसंबर 2020 तक करीब 14,200 करोड़ रुपये पर थीं। इंडिग्रिड मैनेजमेंट मैनेजर्स इनविट की निवेश प्रबंधक है और इसकी ज्यादातर हिस्सेदारी पर इलेक्ट्रॉन आईएम पीटीई लिमिटेड का स्वामित्व है।