आए 9 लाख कोविड दावे, 84 प्रतिशत का निपटान

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 7:41 AM IST

स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के कोविड-19 संबंधी दावे बढ़ रहे हैं, हालांकि अगस्त-दिसंबर अवधि की तुलना में वृद्धि की रफ्तार कम है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की ओर से एकत्र आंकड़ों के मुताबिक 25 फरवरी तक जनरल और एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को कोविड से संबंधित 9,08,849 दावे मिले, जिनकी राशि 13,752.41 करोड़ रुपये हैं। ये आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
बीमा कंपनियों ने अब तक 7,61,676 दावों का निपटान किया है जिसकी राशि 7,141.33 करोड़ रुपये है। यह रकम जनवरी तक बीमाकर्ताओं द्वारा एकत्रित कुल स्वास्थ्य प्रीमियम का करीब 15 प्रतिशत है। कुल मिलाकर अब तक मिले दावों में से बीमाकर्ताओं ने संख्या के लिहाज से 84 प्रतिशत और रकम के लिहाज से 52 प्रतिशत दावों का निपटान किया है। जुलाई के अंत में बीमाकर्ताओं को कोविड-19 के केवल 81,000 दावे मिले थे। एक महीने में ही यह संख्या दोगुनी हो गई। अगस्त के अंत में बीमाकर्ताओं के पास कोविड-19 के 1,60,000 दावे आ चुके थे। अक्टूबर के अंत तक मिले कोविड-19 के दावों की संख्या 4,75,000 के पार चली गई थी और नवंबर के मध्य तक यह संख्या 5,76,000 के पार पहुंच गई थी। दिसंबर के शुरुआती दिनों में बीमाकर्ताओं को मिले कोविड के दावों की कुल संख्या 6,64,488 पर पहुंच गई थी, जिसकी रकम 9,989.89 करोड़ रुपये थी।
बीमाकर्ताओं को मिले दावों का औसत करीब 1.51 लाख रुपये है जबकि बीमाकर्ताओं द्वारा अब तक निपटाए गए दावों का औसत 93,758.17 रुपये है।
मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस में उत्पाद और दावा के जोखिम अंकन निदेशक भवतोश मिश्र ने कहा, ‘अब हमें अगस्त-दिसंबर अवधि की तुलना में कम संख्या में कोविड-19 के दावे मिल रहे हैं। कोविड के मामलों की संख्या में जबरदस्त कमी आई है लेकिन बीमाकर्ताओं को मिल रहे दावों की संख्या उसी रूप में नहीं घट रही है क्योंकि हमारे दावों का एक अच्छा खासा हिस्सा प्रतिपूर्ति के रूप में भी आता है। कुल मिलाकर यह सितंबर से दिसंबर की अवधि में नजर आई उच्च स्तर के मुकाबले बहुत ही अच्छी स्थिति है।’उन्होंने कहा, ‘और अब हमें नए कैशलेस दावों की तुलना में अधिक प्रतिपूर्ति के दावे मिल रहे हैं।’ दिलचस्प है कि मिले दावों की संख्या और निपटाए गए दावों की संख्या के बीच अंतर होने के कारणों में से यह एक है।
बीमाकर्ता कोविड-19 के दावों की संख्या को लेकर अनिश्चित हैं, क्योंकि कुछ राज्यों में जहां मामलों में वृद्धि हो रही है वहीं सरकार ने भी टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही बीमाकर्ता अभी भी स्वास्थ्य पोर्टफोलियो में घाटा अनुपात पर कोविड दावों के भारी बोझ के असर का मूल्यांकन कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि एक ओर जहां भारी संख्या में कोविड के दावे आए, वहीं दुर्घटना दावों जैसे कुछ दावों की संख्या सामान्य से काफी नीचे रही।

First Published : March 1, 2021 | 1:13 AM IST