अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान में फंसे पायलट को सुरक्षित निकाल लिया है। अमेरिका की तरफ से रविवार तड़के यह जानकारी दी गई। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान में फंसे पायलट को निकालने के अभियान का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने लिखा,‘हमने ईरान के पहाड़ों के भीतर से गंभीर रूप से घायल लेकिन बेहद बहादुर एफ-15 चालक दल के सदस्य को बचा लिया है।’ ट्रंप ने यह भी धमकी दी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।
ईरान द्वारा अमेरिका के एक एफ-15 लड़ाकू विमान मार गिराए जाने के बाद उसका एक पायलट ईरान में फंस गया था। अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दोनों के लिए यह एक राहत देने वाली खबर है। ईरान के साथ युद्ध अपने छठे सप्ताह में है। इसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं और विश्व में ऊर्जा संकट पैदा हुआ है। ईरान द्वारा अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद करने के बाद विश्व अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक नुकसान पहुंचने का खतरा है।
शनिवार को ट्रंप और इजरायल ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दबाव बढ़ा दिया और कहा कि ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि शांति समझौता करने के लिए ईरान को सोमवार तक का समय मिला हुआ है।
घायल पायलट उस युद्धक विमान के दो चालक दल सदस्यों में से दूसरा था जिसे ईरान ने शुक्रवार को अपनी हवाई सुरक्षा से मार गिराने का दावा किया था। इसके बाद ईरान और अमेरिका दोनों ने पायलट की खोज के लिए सघन अभियान शुरू कर दिया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में ट्रंप ने कहा,‘पिछले कुछ घंटों में अमेरिका की सेना ने अमेरिकी इतिहास में सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया।’ ट्रंप ने कहा कि हालांकि कर्नल घायल हैं मगर वह ‘बिल्कुल ठीक हो जाएंगे’।
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार ईरान के विशिष्ट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रविवार को बताया कि अमेरिकी बचाव अभियान के दौरान कई विमान नष्ट हो गए। एक ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमानों में एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल थे।
ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि को युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने की समय सीमा सोमवार को सुबह लगभग 10 बजे पूर्वी समय (1400 जीएमटी) तक दी गई है।
उन्होंने शनिवार सुबह ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया,‘मैंने ईरान को दस दिन का समय दिया था कि या तो समझौता करो या होर्मुज स्ट्रेट खोल दो। समय समाप्त हो रहा है और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा।’
कुवैत के सरकारी मीडिया ने वित्त मंत्रालय के हवाले से बताया कि एक ईरानी ड्रोन ने सरकारी मंत्रालयों के एक कार्यालय परिसर पर हमला किया जिससे भारी नुकसान हुआ मगर कोई हताहत नहीं हुआ। इस हमले के लिए कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (केओपी) को जिम्मेदार ठहराया गया है।
सरकारी मीडिया ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के कमांडर के हवाले से बताया कि इससे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में इजरायल से जुड़े एक जहाज पर ड्रोन से हमला किया जिससे जहाज में आग लग गई।