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US-Iran Peace Talks: खाड़ी युद्ध खत्म होगा या बढ़ेगा संकट? अमेरिका को मिल सकता है ईरान का बड़ा जवाब

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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच होर्मुज में बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित ऑयल स्पिल ने खाड़ी संकट को और गंभीर बना दिया है।

Last Updated- May 09, 2026 | 9:38 AM IST
Gulf war

US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब शांति वार्ता को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि ईरान उसकी नई शांति योजना पर आज ही जवाब दे सकता है। इस योजना का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म करना है।

हालांकि बातचीत की संभावनाओं के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव कम नहीं हुआ है। हाल के दिनों में अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी, जबकि संयुक्त अरब अमीरात पर दोबारा हमलों की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास पिछले कुछ दिनों में संघर्ष काफी तेज हुआ है। एक महीने पहले संघर्षविराम लागू होने के बाद यह सबसे बड़ा तनाव माना जा रहा है। इसके बावजूद अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे किसी समझौते के पहले से ज्यादा करीब पहुंच चुके हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इटली की राजधानी Rome में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका को ईरान की ओर से जल्द प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईरान का जवाब क्या होता है और क्या उससे गंभीर बातचीत की दिशा बन सकती है।

 रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कतर के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की, जिसमें ईरान से चल रही बातचीत और संभावित समझौते पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि कतर इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

ट्रंप बोले, संघर्षविराम अब भी कायम

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि हालिया तनाव और झड़पों के बावजूद संघर्षविराम अभी भी कायम है। उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन तेहरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। अमेरिका चाहता है कि पहले युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त किया जाए, जिसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाई जा सके।

होर्मुज के पास धमाकों की खबर

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित सिरिक इलाके में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। एजेंसी के अनुसार गुरुवार देर रात जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया। इस घटना में जहाज के 10 चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जबकि 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में गिना जाता है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस मार्ग पर सख्त नियंत्रण बना रखा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हुआ है।

Donald Trump ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक युद्धपोतों पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की और तीनों युद्धपोत सुरक्षित तरीके से वहां से निकल गए। ट्रंप के मुताबिक इस हमले में अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि ईरानी पक्ष को भारी क्षति पहुंची है।

अमेरिका पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप

ईरान ने अमेरिका पर संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसकी सैन्य कार्रवाई को “लापरवाह कदम” बताया है। ईरान का कहना है कि जब भी कूटनीतिक समाधान की संभावना बनती है, अमेरिका सैन्य रास्ता अपनाने लगता है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शुक्रवार को कहा कि 7 अप्रैल को घोषित संघर्षविराम अब तक काफी हद तक कायम था, लेकिन इस सप्ताह हालात तब ज्यादा बिगड़ गए जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नई नौसैनिक कार्रवाई की घोषणा की और बाद में उसे रोक दिया।

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों ने एक ईरानी तेल टैंकर और एक अन्य जहाज को निशाना बनाया। इसके अलावा क़ेश्म द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तटीय इलाकों में नागरिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए गए।

ईरानी सेना ने दावा किया कि इन हमलों के जवाब में उसकी सेना ने जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से और चाबहार बंदरगाह के दक्षिण में मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाया। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और शांति वार्ता पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

खरग द्वीप के पास समुद्र में बड़े तेल रिसाव की आशंका

ईरान के प्रमुख तेल केंद्र खरग द्वीप के पास समुद्र में बड़े पैमाने पर तेल रिसाव की आशंका जताई गई है। हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र की सतह पर फैला एक बड़ा धूसर और सफेद धब्बा दिखाई दिया है, जिसे संभावित ऑयल स्पिल माना जा रहा है।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के कॉपरनिकस सेंटिनल-1, सेंटिनल-2 और सेंटिनल-3 सैटेलाइट्स द्वारा 6 से 8 मई के बीच ली गई तस्वीरों में यह रिसाव खरग द्वीप के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में नजर आया। करीब 8 किलोमीटर लंबे इस द्वीप को ईरान के सबसे अहम तेल निर्यात केंद्रों में गिना जाता है।

पर्यावरण और संघर्ष मामलों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ लियोन मोरलैंड के अनुसार यह तेल फैलाव लगभग 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हो सकता है। वहीं डेटा विश्लेषण कंपनी Data Desk के सह-संस्थापक लुईस गोडार्ड ने भी माना कि तस्वीरों में दिख रहा फैलाव तेल रिसाव जैसा प्रतीत होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रिसाव पुष्टि हो जाता है, तो यह अमेरिका और इजराइल के साथ जारी तनाव के बीच पिछले करीब 70 दिनों में क्षेत्र का सबसे बड़ा ऑयल स्पिल हो सकता है।

हालांकि अभी तक ईरान की ओर से इस संभावित तेल रिसाव पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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First Published - May 9, 2026 | 9:38 AM IST

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