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ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को दी खुली चेतावनी- चीन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और भारत से हायरिंग बंद करो

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Donald Trump ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में अमेरिका को जीत दिलाने के लिए टेक कंपनियों को देशहित को प्राथमिकता देनी होगी।

Last Updated- July 24, 2025 | 11:42 AM IST
Donald Trump
US President Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने टेक्नोलॉजी कंपनियों को चीन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने और भारत से कर्मचारियों को हायर करने को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अब ऐसा नहीं चलेगा।

बुधवार को हुए AI समिट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की कई टेक कंपनियों ने ‘रेडिकल ग्लोबलिज्म’ का रास्ता अपनाया, जिससे करोड़ों अमेरिकियों को धोखा और विश्वासघात महसूस हुआ। उन्होंने कहा, “बहुत लंबे समय तक अमेरिका की टेक इंडस्ट्री ने ऐसे रास्ते चुने जिससे देश के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”

ट्रंप ने बड़ी टेक कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका की आज़ादी का फायदा उठाया, लेकिन फैक्ट्रीज़ चीन में लगाईं, वर्कर्स भारत से लिए और मुनाफा आयरलैंड जैसे देशों में कम टैक्स देकर बढ़ाया। “इन कंपनियों ने अमेरिका के लोगों को नजरअंदाज किया, यहां तक कि उनकी आवाज को दबाया भी। लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में अब ऐसा नहीं होगा।”

यह भी पढ़ें: India-UK FTA : भारत-UK व्यापार समझौते से हर साल 34 अरब डॉलर का व्यापार बढ़ेगा; इन चीजों के घटेंगे दाम

AI रेस में ट्रंप ने उठाई देशभक्ति की बात

ट्रंप ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में अमेरिका को जीत दिलाने के लिए टेक कंपनियों को देशहित को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा, “AI की रेस जीतने के लिए हमें टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक नई देशभक्ति और राष्ट्रीय निष्ठा की ज़रूरत है, खासकर सिलिकॉन वैली में।”

उन्होंने कहा, “हमें चाह‍िए कि अमेरिकी टेक कंपनियां पूरी तरह से अमेरिका के लिए काम करें। बस हम यही चाहते हैं कि आप ‘अमेरिका फर्स्ट’ को अपनाएं।”

AI समिट के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने तीन एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए, जिनका मकसद अमेरिका की AI इंडस्ट्री को मजबूती देना है। इनमें एक व्हाइट हाउस एक्शन प्लान है और दूसरा अमेरिका की AI टेक्नोलॉजी को ग्लोबली प्रमोट करने की नेशनल स्ट्रैटेजी है। इसके तहत अमेरिका में बनी पूरी AI सॉल्यूशंस को एक्सपोर्ट करने को बढ़ावा मिलेगा जिससे अमेरिका की लीडरशिप ग्लोबल लेवल पर और मजबूत हो सकेगी।

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First Published - July 24, 2025 | 11:42 AM IST

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