अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा आज बढ़ा दी और कहा कि अमेरिका 5 दिन के लिए ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले नहीं करेगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में यह घोषणा की।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है, जिससे युद्ध का ‘पूर्ण और निर्णायक समाधान’ निकल सकता है। मगर ईरान ने दोनों देशों के बीच हुई किसी भी बातचीत की फिलहाल पुष्टि नहीं की है। अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों के बीच ट्रंप के रुख में यह बदलाव कुछ हद तक पश्चिम एशिया के लिए राहत का संकेत है।
ट्रंप ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि ईरान ‘समझौता’ करना चाहता है और उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के दूत एक सम्मानित ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि उनके पश्चिम एशिया के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार शाम तक बातचीत की। उन्होंने कहा कि बातचीत आज भी जारी रही। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत पूरे सप्ताह जारी रहेगी।
हालांकि उन्होंने ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी अधिकारी या अधिकारियों का नाम नहीं बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है तो अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने की दिशा में आगे बढ़ेगा जो उसके विवादित परमाणु कार्यक्रम के लिए बेहद अहम है।
ट्रंप के बयान के ठीक बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन की स्क्रीन पर एक ग्राफिक में कहा गया, ‘ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे।’ ईरान ने दोनों देशों के बीच हुई किसी भी बातचीत की फिलहाल पुष्टि नहीं की है। ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के करीबी दो समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्होंने तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान से फोन पर बात की। ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में तुर्किये पहले भी मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है।
ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से हो रही गोलाबारी को रोकने का प्रयास कर रही है। ईरान ने कहा था कि वह पूरे पश्चिम एशिया के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वहीं ट्रंप ने कहा था कि महत्त्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज को नहीं खोले जाने पर अमेरिका, ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर जोरदार हमले करेगा। ट्रंप ने शनिवार देर रात ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी थी।
इस बीच इजरायल ने ईरानी राजधानी पर फिर से हमले किए। दोपहर में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन जगहों को निशाना बनाया गया। युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश के बीच अमेरिका द्वारा पश्चिम एशिया में और युद्धपोत एवं अतिरिक्त नौ सैनिकों की तैनाती के मद्देनजर, ईरान ने किसी भी जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी है। इस युद्ध के दौरान इजरायल ने लेबनान में ईरान से जुड़े हिजबुल्ला समूह को भी निशाना बनाया है जबकि इस समूह ने इजरायल पर सैकड़ों रॉकेट दागे हैं।