ईरान की सेना ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और चेतावनी दी कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका “स्थायी अपमान, पछतावा और आत्मसमर्पण” का सामना नहीं करता। यह जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने दी। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के अनुसार, ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाने के अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को लेकर अमेरिकी खुफिया जानकारी “अधूरी” है।
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ईरान की सर्वोच्च संचालन इकाई है, जो ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच समन्वय करती है।
प्रवक्ता ने कहा कि वाशिंगटन इस्लामिक गणराज्य की “विस्तृत रणनीतिक क्षमताओं” से अनजान है और संघर्ष के बीच ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को “काफी हद तक सीमित” करने के ट्रंप के दावों को खारिज किया।
प्रवक्ता ने कहा, “हमारी सैन्य शक्ति और हथियारों के बारे में आपकी जानकारी अधूरी है। आप हमारी विशाल रणनीतिक क्षमताओं के बारे में कुछ नहीं जानते। यह मत मानिए कि आपने हमारे रणनीतिक मिसाइल उत्पादन केंद्र, लंबी दूरी के हमले करने वाले और सटीक ड्रोन, आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध या विशेष उपकरण नष्ट कर दिए हैं। ऐसी धारणाएं आपको और गहरे संकट में डालेंगी। जिन ठिकानों पर हमले का आप दावा करते हैं, वे महत्वहीन हैं; हमारी रणनीतिक सैन्य उत्पादन गतिविधियां उन स्थानों पर होती हैं, जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं है और जहां तक आप कभी पहुंच नहीं पाएंगे। हमारी मिसाइलों, ड्रोन और रणनीतिक प्रणालियों की गिनती करने की कोशिश न करें, आप गलत होंगे और कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे।”
प्रवक्ता ने अमेरिका पर आक्रामकता शुरू करने का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा, “आपको हमारे सम्मानित और प्रिय मुस्लिम राष्ट्र के खिलाफ शुरू की गई आक्रामकता की कीमत चुकानी होगी। यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक आप स्थायी अपमान, पछतावा और आत्मसमर्पण का सामना नहीं करते। हम पहले ही आपको कड़े झटके दे चुके हैं और आगे भी आप हमसे और अधिक विनाशकारी हमलों की उम्मीद रखें।”
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यह बयान उस समय आया है जब ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को “निर्णायक” बताते हुए कहा था कि अभियान अपने मुख्य लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर दिया गया है और देश की सैन्य संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना तबाह हो चुकी है और उसके अधिकांश नेता, जिन्हें आतंकवादी कहा जा सकता है, मारे जा चुके हैं।” हमलों के प्रभाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि विरोधी पक्ष की “मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता काफी हद तक सीमित हो गई है।”
उन्होंने कहा कि हथियार बनाने वाले कारखाने और रॉकेट लॉन्चर नष्ट किए जा रहे हैं- अब बहुत कम बचे हैं और दावा किया कि अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा बड़ी जीत हासिल कर रहा है।